न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
डॉ. भीमराव आंबेडकर जन्मोत्सव समारोह समिति के द्वारा प्रत्येक वर्ष बाबा साहब की जयंती पर निकाली जाने वाली भव्य शोभायात्रा में कोई न कोई राजनीतिक दल या राजनीतिक व्यक्ति या सरकार की नीतियां निशाने पर रहती हैं।
इस बार केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी निशाने पर रहे। इस झांकी को शोभायात्रा के दौरान पुलिस ने रुकवाने और हटवाने का प्रयास किया, लेकिन समिति के पदाधिकारियों और मौके पर मौजूद समर्थकों के प्रतिरोध के चलते झांकी शोभायात्रा का हिस्सा बनी रही और सबसे आगे चली, लेकिन जब ये आपत्ति प्रशासनिक अधिकारियाें तक पहुंची तो उस झांकी को अलग कर दिया गया। एडीएम सिटी एसबी सिंह ने बताया कि जिस झांकी पर विरोध था उसको आयोजकों द्वारा रात साढ़े 9 बजे खुद ही हटा लिया गया है।
स्टेट बैंक तिराहे के पास अंबेडकर पार्क से शनिवार की शाम को शोभायात्रा शुरू होने की तैयारियां चल रही थीं। इस दौरान पुलिस की नजर एक झांकी पर पड़ी जिस पर हवाई जहाज बना हुआ था। साथ ही विजय माल्या, नीरव मोदी, ललित मोदी, मेहुल चौकसी, भूपेश जैन के नाम लिखे हुए हैं। पोस्टर पर यह भी लिखा था कि विदेशी चंदे का हिसाब न देने का कानून हम बना चुके हैं।
यह भी लिखा है कि फ्रांस के लड़ाकू विमान 536 करोड़ में तय होने के बाद 1571 करोड़ पर हस्ताक्षर। पोस्टर पर सौजन्य से समस्त पला साहिबाबाद अलीगढ़ लिखा था। सबसे ऊपर प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर के साथ लिखा था कि घोटाला ही असल कारोबार।
सीओ तृतीय संजीव दीक्षित पुलिस बल के साथ वहां पहुंचे और इस झांकी को शोभायात्रा से हटाने के लिए कहा। इस पर समिति के पदाधिकारी अड़ गए। उनकी दलील थी कि इसमें क्या आपत्तिजनक है। सरकार की नीतियों की समीक्षा और आलोचना करने का अधिकार उसी संविधान ने उन्हें दिया है जिसके निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर हैं। उन्हीं की शोभायात्रा में संवैधानिक अधिकारों का हनन होगा।