दहेज हत्या में पति, ससुर व देवर को 10 साल की कैद
ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
अकराबाद के कस्बा कौड़ियागंज में छह साल पूर्व हुई विवाहिता की दहेज के लिए हत्या के मुकदमे में अदालत ने आरोपी ससुरालियों को दस साल कैद की सजा सुनाई है। यह फैसला एडीजे-6 संजय सिंह प्रथम के न्यायालय से सुनाया गया है।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी महाराज सिंह के अनुसार वादी पक्ष द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर के अनुसार 19/20 सितंबर 2011 को विवाहिता वीनेश पत्नी बलवीर सिंह की दहेज के लिए जलाकर हत्या कर दी गई और शव भी क्रियाकर्म कर नष्ट कर दिया गया। मुकदमे के अनुसार वीनेश की शादी मौत से करीब पांच साल पहले हुई थी। ससुरालियों द्वारा बाइक आदि की मांग को लेकर उसका उत्पीड़न किया जा रहा था। खबर पर जब मायके पक्ष के लोग आए तो वीनेश की सास मिली, बाकी सभी गायब थे। इस पर मायके पक्ष ने मुकदमा पति बलवीर, देवर बालकिशन व ससुर भीकंबर के खिलाफ दर्ज कराया। पुलिस की ओर से विवेचना के बाद मामले में सीधे हत्या का आरोप पत्र दायर किया गया। अदालत में सत्र परीक्षण के दौरान दहेज हत्या का आरोप तय किया गया और तीनों आरोपियों को दस-दस साल की सजा व जुर्माने से दंडित किया गया है।
ब्लैकमेल गैंग संचालक अधिवक्ता की जमानत खारिज
अलीगढ़। दुष्कर्म, अपहरण, हमला आदि संगीन आरोपों के फर्जी मुकदमे दर्ज कराकर लोगों को ब्लैकमेल करने वाले गैंग के संचालक अधिवक्ता शिव कुमार शर्मा की जमानत याचिका अपर सत्र न्यायालय चतुर्थ सुरेंद्र सिंह द्वितीय की अदालत से खारिज कर दी गई है। अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता गंगे सिंह यादव के अनुसार गैंगेस्टर एक्ट के तहत 18 अप्रैल 2016 को सिविल लाइंस थाने में शिव कुमार शर्मा पर यह मुकदमा हाईकोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ था और हाईकोर्ट में इस मुकदमे के खिलाफ आरोपी की ओर से याचिका भी दायर की गई थी, जिसे खारिज कर दिया गया। इस आधार पर अदालत ने आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी। बता दें कि पिछले सप्ताह ही आरोपी को सिविल लाइंस पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
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