फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Aligarh News: दिल्ली-एनसीआर जाने वाली सात डिपो की 150 बसों पर लगा ब्रेक

विज्ञापन
वर्कशॉप में खड़ीं रोडवेज की बसें। संवाद
विज्ञापन
दशहरा और दिवाली के त्योहार पर घर आने-जाने वाले यात्रियों के सामने रोडवेज बसों का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण नियंत्रण के लिए बीएस-3 और बीएस-4 मानक वाली बसों के संचालन पर रोक लगा दी गई है, जिससे एनसीआर जाने वाली अलीगढ़ परिक्षेत्र की 150 बसों का संचालन ठप हो गया है।
विज्ञापन


इसकी वजह से दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, बल्लभगढ़, फरीदाबाद, पलवल आदि शहरों में आना-जाना मुश्किल हो गया है। दिल्ली और गाजियाबाद जाने के लिए तो मुसाफिरों के पास ट्रेन का विकल्प है, लेकिन नोएडा और हरियाणा जाने के लिए सिर्फ बसों का ही सहारा है, जो इस वक्त छिन गया है।

अब परिवहन निगम के सामने उपलब्ध बसों से यातायात व्यवस्था संभालने की चुनौती है। दिल्ली-एनसीआर के लिए रोडवेज बसें बड़ी संख्या में यात्रियों के आवागमन का प्रमुख साधन हैं। नौकरीपेशा, कारोबारियों, विद्यार्थियों और अन्य यात्रियों की निर्भरता इन्हीं बसों पर रहती है।
विज्ञापन

अलीगढ़ परिक्षेत्र में बुद्ध विहार, अलीगढ़, अतरौली, नरौरा, हाथरस, कासगंज और एटा सहित सात डिपो हैं। इन डिपो से दिल्ली-एनसीआर और आसपास के शहरों के लिए बसों का संचालन होता है। रोडवेज अफसरों के अनुसार इस रूट पर रोजाना 10 से 15 हजार यात्री सफर करते हैं। ऐसे में 150 से अधिक बसों के संचालन से बाहर होने का असर रोजाना सफर करने वाले यात्रियों पर पड़ रहा है। खासकर जनरथ व वातानुकूलित बसों का संचालन न होने से यात्रियों को परेशान होना पड़ रहा है।

दूसरे राज्यों तक जाना भी मुश्किल

दिल्ली-एनसीआर ही नहीं, हरियाणा में भी बीएस-3 और बीएस-4 मानकों वाली बसों पर प्रतिबंध लागू हो गया है। जिससे रोडवेज के सामने संचालन की चुनौती है। यात्रियों को वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है।

अलीगढ़ से ही भेदभाव क्यों

रोडवेज कर्मचारी संघ के क्षेत्रीय मंत्री नईमुद्दीन ने सवाल उठाया है कि जब नोएडा व दिल्ली एनसीआर में गाजियाबाद परिक्षेत्र की साहिबाबाद, काैशांबी व लोनी डिपो की बीएस- 3 व बीएस-4 की बसें पूर्व की तरह संचालित हो रही हैं तो अलीगढ़ परिक्षेत्र की बसों को क्यों रोका जा रहा है। नियम तो सबके लिए ही बराबर हैं। केवल अलीगढ़ परिक्षेत्र की सात डिपो की बसों को ही आनंद विहार, काैशांबी व नोएडा आने-जाने नहीं दिया जा रहा है। इससे चालक-परिचालकों के साथ ही यात्रियों को भी परेशानी हो रही है।
त्योहार पर कैसे संभलेगा दबाव

दशहरा, दिवाली और छठ पूजा के दौरान दिल्ली-एनसीआर से अलीगढ़ आने-जाने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ने की संभावना है। ऐसे में सवाल है कि प्रतिबंधित बसों के स्थान पर परिवहन विभाग किन वैकल्पिक व्यवस्थाओं के जरिये यात्रियों का दबाव संभालेगा।

बीएस-6 की उपलब्ध बसें

अलीगढ़ - 57
बुद्धविहार - 62
एटा - 56
हाथरस - 62
कासगंज- 54
अतराैली - 56
कुल बसें- 347


बसों का गणित
-अलीगढ़ परिक्षेत्र में रोडवेज के सात डिपो
-724 बसों का बेड़ा सात डिपो में चल रहा
-377 बसें बीएस-3 व बीएस-4 मानक की
-347 बसें ही बीएस-6 मानक के अनुसार


- दिल्ली-एनसीआर में बीएस- 6 बसों के संचालन की ही अनुमति है। इसलिए बीएस-3 एवं बीएस-4 मानक की बसों का वहां आवागमन रोक दिया गया है। केवल बीएस-6 बसें ही वहां भेजी जा रही हैं। जनरथ व वातानुकूलित बसों का संचालन इस वक्त एनसीआर में नहीं हो रहा है। इन बसों को हटाकर इन्हें दूसरे लोकल रूटों पर चलाया जा रहा है। इसके बदले ई-बसों का संचालन किया जा रहा है। - सत्येंद्र कुमार वर्मा, क्षेत्रीय प्रबंधक रोडवेज अलीगढ़ परिक्षेत्र
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें