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अपराधियों पर लगाम कसने को पुलिस ने खींचा खाका

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अपराधियों पर लगाम कसने को पुलिस ने खींचा खाका
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ब्यूरो, अमर उजाला, हाथरस

सूबे में बढ़ते अपराधों को लेकर सवालों के घेरे में आई प्रदेश सरकार के मुखिया सीएम योगी आदित्यनाथ ने हर जिले के कप्तान को अपराध नियंत्रण के लिए सख्त दिशा-निर्देश दिए हैं। सरकार की सख्ती के बाद एसपी घुले सुशील ने शुक्रवार रात जिले के पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की और अपराध नियंत्रण को लेकर तीन घंटे तक गंभीर मंत्रणा की। इस दौरान एसपी ने कई बिंदुओं पर दिशा-निर्देश दिए। खासकर वाहन चोरी रोकने, अपराधियों का डोजियर तैयार करने और सिपाहियों की जिम्मेदारी तय करने पर जोर दिया गया।

एसपी घुले सुशील ने कहा कि अब थानों पर अपराधियों का डोजियर तैयार किया जाएगा। इसमें उनका नाम, पता, फोटो आदि तो होगा ही रिश्तेदारों और करीबियों के बारे में भी जानकारी जुटाकर रखी जाएगी। अभियुक्त का आपराधिक इतिहास और उस पर दर्ज मुकदमाें के निस्तारण के बारे में भी तथ्य इकट्ठा किए जाएंगे। पुलिस की यह कोशिश इसलिए है कि ताकि जिले में या जिले से बाहर अपराध करने पर अपराधी के बारे में जानकारी जुटाने में काफी समय लग जाता है। इससे अपराध की जांच पड़ताल पर असर पड़ता है। अपराधी का डोजियर तैयार होने से उसके बारे में जरूरी जानकारी तुरंत मिल जाएगी और पुलिस के उसे पकड़ना या उसके संबंधियों तक पहुंचना आसान हो जाएगा।
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दस साल पुराने अपराधियों की सूची बनेगी

एसपी के मुताबिक दस साल में संगीन अपराध करने वालों की सूची तैयार की जाएगी। इसके बाद इन सभी के विरुद्ध निरोधात्मक कार्रवाई की जाएगी। जिले में ऐसे आरोपियों की संख्या कहीं ज्यादा है जिनके विरुद्ध कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी किए हैं। पुलिस को अब इनकी गिरफ्तारी को कमर कसनी होगी। एआरटीओ ने जो वाहन पकड़े जाने के बाद थानों पर खड़े कराए हैं, उनकी रिपोर्ट डीएम को भेजी जाएगी ताकि जल्द से जल्द वाहनों की नीलामी हो सके। थाने के सभी रिकॉर्ड अपडेट किए जाएंगे। थाने में मौजूद अन्य सामानों का भी निस्तारण किया जाएगा।

अब जिम्मेदारी से नहीं बच सकेंगे सिपाही

सिपाहियों को भी उनके हल्के में अपराध होने पर जिम्मेदार माना जाएगा। खासकर उनके इलाके में चोरी और लूट जैसी वारदात होने पर कार्रवाई की जाएगी। अभी तक सिपाहियों के इलाके में कोई भी अपराध होने पर उन्हें इसके लिए दोषी नहीं माना जाता। सिपाही पुलिस की सबसे निचली और अहम कड़ी है। जवाबदेही न होने से सिपाहियों का ध्यान क्राइम कंट्रोल पर नहीं रहता। अब सिपाहियों को दरोगाआें की तरह अलग-अलग कार्य सौंपे जाएंगे। इन कार्यों की साप्ताहिक समीक्षा की जाएगी।
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पुरानों की हिस्ट्रीशीट बंद होगी, नए की खुलेगी

पुलिस अब सालों पुराने हिस्ट्रीशीटरों का बोझ नहीं उठाएगी। एसपी घुले सुशील के मुताबिक पुराने हिस्ट्रीशीटरों में से कई की मृत्यु हो चुकी है। कई की उम्र काफी है और कुछ काम-धंधे में लगे हैं। ऐसे में उनकी हिस्ट्रीशीट खत्म की जाएगी। इससे पुलिस को बार-बार हिस्ट्रीशीटरों का सत्यापन नहीं करना पड़ेगा और पुराने हिस्ट्रीशीटरों को भी थाने के चक्कर काटने नहीं पड़ेंगे। हालांकि पुराने हिस्ट्रीशीटरों को राहत देने के साथ ही एसपी ने नए अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोलने के निर्देश दिए हैं।
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