खलिहान में आग लगाने और धमकी देने में चार बरी
ब्यूरो, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। डीजे द्वितीय एसएन त्रिपाठी के न्यायालय ने 25 साल बाद एक अपील की सुनवाई कर चार आरोपी दोषमुक्त किए हैं। घटना 1992 की खलिहान में आग लगाए जाने और धमकी देने की थी।
अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सादाबाद द्वारा आईपीसी की धारा 435, 506 में दरोगा, मोरमुकुट उर्फ पप्पू, ओमप्रकाश एवं प्रताप को दोष सिद्ध माना था। जिसकी अपील आरोपियों ने सत्र न्यायालय में की। इसकी सुनवाई एडीजे द्वितीय एसएन त्रिपाठी ने की।
सुनवाई के दौरान यह साफ हो गया कि उक्त रिपोर्ट इस लिए दर्ज कराई गई थी कि इस घटना में वादी व उसके बेटे को हत्या के आरोप में आजीवन कारावास की सजा हो चुकी है। इसलिए रंजिशन उक्त आरोपियों को फंसाने के प्रयास किए गए। घटना के साक्ष भी न्यायालय में पेश नहीं किए जा सके और गवाहों द्वारा न्यायालय में बताई गई बातों से घटना की पुष्टि नहीं हुई।