न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
रोडवेज कर्मचारी लक्ष्मीकांत पंडित की मध्य प्रदेश की बस से कुचलकर हुई मौत के मामले में गुस्साए कर्मचारियों ने बुधवार को क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय के सामने वर्कशाप पर धरना दिया। उनकी मांग थी कि मृतक कर्मचारी के परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक मदद की जाये। वहीं धरना स्थल पर कोल विधायक व शहर विधायक भी पहुंच गये। इस दौरान कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन विधायकों को सौंपा।
बुधवार सुबह भारतीय मजदूर संघ के बैनर तले कर्मचारियों ने रोडवेज वर्कशाप पर धरना दिया। पदाधिकारियों ने बताया कि चार दिन बीत जाने के बाद भी मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। वहीं मृतक के परिजनों को कोई आर्थिक मदद की घोषणा भी नहीं की गई है। सूचना पाकर धरना स्थल पर शहर विधायक संजीव राजा व कोल विधायक अनिल पाराशर भी पहुंच गये।
इस दौरान पदाधिकारियों ने उन्हें मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में उन्होंने डग्गामार वाहनों को पूरी तरह प्रतिबंधित करने, मृतक के परिवार को पचास लाख रुपये का मुआवजा देने, दोनों बस स्टैंड से अतिक्रमण हटवाने की मांग की। उन्होंने कहा कि डग्गेमार वाहनों के मालिकों द्वारा निगम कर्मचारियों की हत्याओं के मामलों की सीबीआई जांच होनी चाहिये। वहीं पुलिस मध्यप्रदेश की बस के चालक-परिचालक के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करे। इस मौके पर आरडी उपाध्याय, राघवेंद्र सिंह, राकेश कुमार सिंह, अनिल कुमार शर्मा, शिशुपाल सिंह, रामकिशन शर्मा, मोहित गुप्ता, संगीता सिंह, अनिल कुमार, अमान उल हक आदि मौजूद रहे।
विधायकों ने अधिकारियों के साथ किया निरीक्षण
धरना स्थल पर पहुंचे शहर विधायक संजीव राजा और कोल विधायक अनिल पाराशर ने मृतक की आत्मा शांति के लिये दो मिनट का मौन रखा। इस दौरान उन्होंने सैटेलाइट बस अड्डा, वर्कशाप, अतिक्रमण स्थलों का जायजा लिया। सूचना पर आरएम जेड ए नोमानी, एआरएम बुद्ध विहार डिपो आलोक दास, एआरएम अलीगढ़ लोकेश राजपूत, आरटीओ राधेश्याम, एआरटीओ प्रशासन रंजीत सिंह भी मौके पर पहुंच गये। विधायकों ने अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिये। वहीं मृतक को शासन व प्रशासन से आर्थिक मदद दिलाने का आश्वासन दिया।