न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
पीएचडी अंतिम सूचि में नाम नहीं आने से आक्रोशित छात्र-छात्राओं ने एएमयू कंट्रोलर आफिस का घेराव कर प्रदर्शन किया। इस दौरान विश्वविद्यालय के अधिकारियों से तीखी नोकझोंक भी हुई। रात में छात्रों ने प्रशासनिक ब्लाक के सामने अनिश्चित कालीन धरना शुरू कर दिया है।
चंद रोज पहले पीएचडी प्रवेश परीक्षा का परिणाम घोषित किया गया था। सूचि में नाम नहीं आने से छात्रों में आक्रोश है। अपनी मांगों को लेकर छात्रों ने 11 अप्रैल को कुलपति को ज्ञापन दिया था। उसके बाद कंट्रोलर से मिलकर 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। सोमवार को करीब 40-50 छात्र कंट्रोलर आफिस पहुंच गए और घंटो घेरे रहे। वहीं पर छात्र-छात्रा धरना पर बैठ गए।
पीवीसी एवं कंट्रोलर आदि की बैठक हुई लेकिन कोई निर्णय नहीं निकला। अधिकारियों से छात्रों की तीखी बहस भी हुई। विश्वविद्यालय के अधिकारियों के बीच दबी जुबान इस बात की चर्चा है कि सीट बढ़ती है तो यूजीसी रेगूलेशन का उल्लंघन होगा। इसके अतिरिक्त अन्य नई समस्याएं उत्पन्न होने की आशंका है। देर रात छात्र कंट्रोलर आफिस से निकलकर प्रशासनिक ब्लाक के सामने धरना पर बैठ गए हैं। आंदोलित छात्रों में आदिल फारूकी, आबिद शेख, आकिब खुर्शीद, यासिर इकबाल, फराज चौधरी, दाऊद, रबाब फातिमा, निदा अंजुम, शिफ कादरी, मरयम, जैनब, सुम्बुल आदि मौजूद थी। आंदोलित छात्रों के समर्थन में छात्र संघ उपाध्यक्ष हमजा सुफयान एवं सचिव आमिर रशीद भी पहुंचे थे।
क्या है मांग...
- पीएचडी लिखित परीक्षा और साक्षात्कार का नंबर वेबसाइट पर तत्काल डाल दिया जाए।
- अंतिम सूची जारी करने के साथ अभ्यर्र्थी के नंबर और नाम सहित वेटिंग लिस्ट जारी की जाए
- यूजीसी की अनुशंसा के अनुसार पीएचडी की सीटें प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर एवं असिस्टेंट प्रोफेसर को आवंटित किया जाए
- खाली सीटों को भरा जाए
- हिंदी विभाग में बिना फार्म भरे ही अंतिम सूचि में जगह एक अभ्यर्थी को दिया गया है। दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।