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वतन से प्यार करने का, मेरा जज्बा निराला है...

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
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पद्मभूषण डॉ. गोपाल दास नीरज ट्रस्ट के बैनर तले शांति राज पैलेस सुरेंद्र नगर में काव्य संगोष्ठी हुई। अध्यक्षता नीरज जी की पुत्रवधू रंजना सक्सेना ने की। मुख्य अतिथि डॉ. अंजना सिंह सेंगर को ट्रस्ट ने नारी शक्ति सम्मान से सम्मानित किया।

गोष्ठी में डॉ. अंजना सिंह ने यूं कहा ‘वतन से प्यार करने का, मेरा जज्बा निराला है, मैं अपने दिल की धड़कन में तिरंगा लेकर चलती है, इलाहाबादी हूं सांसों में मैं गंगा ले के चलती हूं’। शायरा रेहाना शाहीन ने महिलाओं के वेदना को यूं पेश किया ‘मैैं हूं नारी रंजो आलम से भरी मेरी कहानी, जिसे सुना आंखों में अपनी भर लिया उसमें पानी’। डॉ. मनीषा यादव ने कहा ‘जलाना चाहो तो जला दो मेरे आशियाने को, धुएं से तुम्हारा दम भी तो घुटेगा’।
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डॉ. दिव्या लहरी ने सुनाया ‘रात गहरी वहां भी है, अमावस छाई यहां भी है, दिल मचलता वहां भी है दिल धड़कता यहां भी है’। शायर जॉनी फॉस्टर ने कहा ‘फूल चांद ये जहान आसमान बेटियां, सच कहें तो अस्ल में घर मकान बेटियां’। नीरज जी के सुपुत्र मिलन प्रभात गुंजन ने सुनाया ‘फूलों के रंग से दिल की कलम से, लिखी रोज पाती, कैसे बताऊं किस किस तरह से मुझको तू हरदम सताती’। इस अवसर पर ट्रस्ट के सचिव व अहिंसा फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. राकेश सक्सेना, निर्मल सक्सेना, डॉ. शाहनाज खान, रंजीत कौर, डॉ. आभा जौहरी, डॉ. इंदू शर्मा, सरदार दलजीत सिंह, चंद्रशेखर दीक्षित, गोपाल कृष्ण जौहरी आदि मौजूद रहे।
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