न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
परिवहन निगम की माया भी खूब निराली है। परिवहन निगम के अधिकारियों ने कुंभ मेले में बुद्ध विहार डिपो के ऐसे संविदा परिचालक की ड्यूटी लगाई है जिसकी तीन अक्टूबर 2018 को संविदा समाप्त की जा चुकी है। बाद में उक्त परिचालक पर फर्जी टिकट रैकेट में शामिल होने का आरोप भी लगा था। नौकरी से बाहर हुए परिचालक की कुंभ मेला में ड्यूटी लगाने के मामले में अधिकारी एक नाम के दो परिचालक होने की बात कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं।
कुंभ मेले के द्तिीय चरण में अलीगढ़ रीजन की 230 बसें संचालित होनी हैं। इसके लिए रीजन की सातों डिपो की बस तथा चालक-परिचालकों के नाम की सूची तैयार की गई है। इस सूची में चालक तथा परिचालक के मोबाइल नंबर भी दर्ज हैं। सूची में 100 वें नंबर पर मनवीर सिंह का नाम और मोबाइल नंबर दर्ज है। जबकि मनवीर सिंह की तीन अक्टूबर 2018 में पूर्व एआरएम बुद्ध विहार वाईपी सिंह संविदा समाप्त कर चुके हैं। परिचालक पर आरोप है कि वह केवल बल्लभगढ़ मार्ग पर ही चलता है और किसी मार्ग पर चलने के लिए मना कर देता है। इसलिए उसकी संविदा समाप्त की जाती है।
जब यह सूची ‘अमर उजाला’ के हाथ लगी तो अधिकारियों के होश फाख्ता हो गए। क्षेत्रीय प्रबंधक का चार्ज संभाल रहे सेवा प्रबंधक एसके यादव ने बताया कि एक ही नाम के कई लोग एक ही डिपो में कार्यरत हैं। जिस कर्मचारी की नौकरी खत्म हो गई, उसकी ड्यूटी लगना संभव नहीं है। कुछ इसी तरह का कहना बुद्ध विहार एआरएम आलोक दास का भी था। लेकिन कुंभ मेला की ड्यूटी के लिए जारी की गई लिस्ट में लिखे मनवीर के मोबाइल नंबर को मिलाया तो वह संविदा समाप्ति वाला परिचालक ही निकला और कुंभ मेला ड्यूटी लिस्ट में अपना नाम सुनकर भौंचक्का रह गया।