न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
शहर में स्थापित अंग्रेजों के जमाने का स्कूल अब जल्द ही मॉडल विद्यालय बनेगा। इसके लिए संयुक्त शिक्षा निदेशक ने शासन को प्रस्ताव भेज दिया है। इस संबंध में उप मुख्यमंत्री जल्द ही विद्यालय के निरीक्षण के लिए आ सकते हैं।
शहर के नौरंगीलाल राजकीय इंटर कालेज की नींव सन 1852 में डाली गई थी। यह उस समय मिडिल स्कूल के रूप में खोला गया था। जो कि अंग्रेजों के बच्चों को शिक्षा दिया करता था। 1874 में यह हाईस्कूल के रूप में विकसित हुआ। जबकि 1975 के लगभग इस विद्यालय को इंटरमीडिएट की मान्यता मिली। अब यह विद्यालय शहर में गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा दे रहा है। वहीं प्रदेश के कई उच्चाधिकारी इस विद्यालय से शिक्षा प्राप्त कर चुके हैं।
उप्र सरकार के सचिव रहे जावेद उस्मानी ने भी यहीं से शिक्षा ग्रहण की थी। वर्ष 2016-17 में यह ग्रीन स्कूल-क्लीन स्कूल में चयनित हुआ। पिछले दो वर्षों से पठन-पाठन, परीक्षाफल व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के चलते विद्यालय को ए ग्रेड का दर्ज भी मिल चुका है। यहां शिक्षक तथा विद्यार्थियों के लिए आधारभूत सुविधाएं भी अच्छे स्तर की हैं।
अब इस विद्यालय को मॉडल विद्यालय बनाने के लिए संयुक्त शिक्षा निदेशक जितेंद्र कुमार मलिक ने शासन को प्रस्ताव भेजा है। जल्द ही उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा भी इसके दौरे के लिए आने वाले हैं। मॉडल बनने पर विद्यालय में शैक्षिक स्तर भी रोल मॉडल के रूप में विकसित होगा।
हमारा विद्यालय मॉडल घोषित होने पर पठन-पाठन और गुणवत्ता में और तेजी लायी जाएगी। विद्यालय की प्राचीन काल की गौरवशाली प्रतिष्ठा पुन: वापस आएगी। मैं हमेशा अच्छे स्तर की शिक्षा के लिए कटिबद्ध रहूंगा।
- शीलेंद्र कुमार, प्रधानाचार्य नौरंगीलाल इंटर कालेज
शासन द्वारा प्रस्ताव मांगा गया था। नौरंगीलाल जीआईसी को मॉडल बनाने के लिए संयुक्त शिक्षा निदेशक के माध्यम से प्रस्ताव भिजवा दिया गया है। अब शासन से जो भी निर्देश प्राप्त होंगे, उन पर तत्काल कार्रवाई कराई जाएगी। - डॉ. धर्मेंद्र शर्मा, डीआईओएस।