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एएमयू प्रॉक्टर ने दिया अब्दुल्ला हॉल की छात्रा को नोटिस

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
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आपत्तिजनक पोस्ट को लेकर एक बार फिर अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय सुर्खियों में है। छात्रों के एक वर्ग के विरोध को देखते हुए एएमयू प्रॉक्टर ने बीए मनोविज्ञान की छात्रा को कारण बताओ नोटिस जारी कर 48 घंटे के अंदर जवाब मांगा है। छात्रा अब्दुल्ला हॉल में रहती है। एएमयू प्रशासन के एक्शन के बाद मामला राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आ गया है। कुछ लोग इसे व्यक्तिगत आजादी पर हमले के रूप में भी देख रहे हैं।

एएमयू छात्र संघ के पूर्व उपाध्यक्ष नदीम अंसारी, छात्र नेता अबू बकर, फराहम अली, अदनान आमिर, ऐजाज अहमद, सलमान, वासिफ, उमैर इफ्तेखार, हैदर सैफुल्लाह आदि की तरफ से 9 जून को थाना सिविल लाइन में एक तहरीर दी गई थी। इसमें सोशल मीडिया में पोस्ट कर धार्मिक भावनाएं भड़काने का आरोप लगाया गया था।
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तहरीर उमर गाजी, भोले विश्वकर्मा, सुशांत एवं फहद जुबैरी और एक छात्रा के खिलाफ दी गई थी। आरोप है कि इन लोगों ने जान बुझकर धार्मिक भावनाएं भड़काने की नीयत से फेसबुक पर आपत्तिजनक धार्मिक पोस्ट फोटो के साथ डाल दी है। एएमयू छात्र संघ के पूर्व उपाध्यक्ष नदीम अंसारी का कहना है कि पोस्ट करने वालों में एएमयू की एक छात्रा एवं दो पूर्व छात्र हैं।

चर्चा है कि फोटो में दिख रहा एक युवक जेएनयू का है। विवादित फोटो एवं पोस्ट 3 जून 2018 को अपलोड किया गया था। छात्र नेता का कहना है कि छात्रा एवं उसके ग्रुप के लोग अपने आप को फेमनिस्ट मानते हैं। छात्र नेताओं के तेवर को देखते हुए एएमयू प्रॉक्टर ने 11 जून को छात्रा को अब्दुल्ला हॉल के प्रवोस्ट के माध्यम से कारण बताओ नोटिस जारी कर 48 घंटे में जवाब मांगा है।

इस संबंध में प्रॉक्टर से कोशिश के बावजूद बातचीत नहीं हो सकी। कुछ लोग छात्रा को दिए गए कारण बताओ नोटिस को व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर हमला के रूप में देख रहे हैं। आने वाले समय में मामला गरमाने की आशंका है।
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उल्लेखनीय है कि जो फोटो पोस्ट किया गया है, उसमें कुछ युवक एक छात्रा के साथ दिल्ली के किसी रेस्टोरेंट में बैठे हैं और युवकों के हाथ में शराब की बोतल है। रमजान के महीने में शराब के साथ फोटो अपलोड करने से छात्र नेताओं में नाराजगी है। हालांकि जांच के बाद ही फोटो की विश्वसनीयता के बारे में कुछ कहा जा सकता है।
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