न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
तालानगरी क्षेत्र में बाउंड्रीवाल निर्माण करा रही यूपीएसआईडीसी के मार्ग में बाधा बने प्रापर्टी डीलरों को डीएम ने कड़ी चेतावनी जारी की है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि एसडीएम कोल के नेतृत्व में कमेटी गठित कर बाउंड्रीवाल का निर्माण कराया जाए। जो भी बाधा डाले उसके खिलाफ लोक क्षति अधिनियम में मुकदमा दर्ज करा दिया जाए।
जिला स्तरीय उद्योग बंधुओं की बैठक में अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी चंद्र भूषण सिंह ने चेतावनी दी कि एडीए के वह अधिकारी भी इस मामले में नप जायेंगे जिन्होंने तालानगरी के बराबर बन रही कालोनियों के ऐसे नक्शे पास किये हों जिसमें ताला नगरी में से होकर रास्ता दिखाया गया हो।
यूपीएसआईडीसी के आरएम ने बताया कि वह तो बाउंड्री वाल लगवाने के लिए पुलिस फोर्स के साथ गये थे परंतु एक जनप्रतिनिधि ने हड़का दिया और बाउंड्री वाल नहीं लगने दी। इस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि एसडीएम कोल, आरएम व एक्सईएन यूपीएसआईडीसी, सीओ अतरौली व सचिव एडीए की एक कमेटी गठित कर और मजिस्ट्रेट तथा पुलिस बल लेकर बाउंड्री वाल बनवाऐं और किसी ने रोक टोक की तो लोक संपत्ति क्षति अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया जाए।
औद्योगिक आस्थान में नाले में लगे बंद को कुछ लोगों द्वारा तोड़ दिये जाने के प्रकरण में डीएम ने नगर निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह बंध लगवा दें। जो भी बंध तोड़े उसके खिलाफ लोक संपत्ति क्षति अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया जाए।
जिलाधिकारी ने उद्यमियों एवं व्यापारियों से सम्बन्धित सभी अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि आप सभी इनके कार्य में फैसिलेटर अर्थात सहयोगी की भूमिका अदा करें न कि रेगूलेटर की। बैठक में उद्यमियों द्वारा तालानगरी में सुरक्षा हेतु व चोरी की घटनाओं को रोकने हेतु डीएम से गुहार की। जिस पर उन्होंने कहा कि कि इस प्रकरण में पुलिस अधीक्षक ग्रामीण से भेंट कर उनसे सुरक्षा की मांग कराई जाए।
इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी दिनेश चंद्र, संयुक्त आयुक्त उद्योग सुधांशु तिवारी, के साथ.साथ उद्यमी प्रतिनिधि चंद्र शेखर शर्मा, पं. नेकराम शर्मा, सुनील दत्ता तथा व्यापारी नेता ज्ञानचंद्र वार्ष्णेय, भूपेन्द्र वार्ष्णेय के साथ अनेक व्यापारी व उद्यमी उपस्थित थे।
अनुपस्थित अधिकारियों का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश
अलीगढ़। डीएम ने जिलास्तरीय उद्योग बंधु की बैठक में अनुपस्थित रहने वाले विभागीय अधिकारियों का एक दिन का वेतन काटने के आदेश किए हैं। उन्होंने नगर निगम के छोटे अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि वह नगर आयुक्त को बता दें कि उद्योग बन्धु की बैठक में अपना प्रतिनिधित्व कराने हेतु छोटे अधिकारियों को न भेजें। मुख्य चिकित्साधिकारी तथा मुख्य अभियंता विद्युत, आरएम रोडवेज तथा आरटीओ के उच्चाधिकारी भी अपने प्रतिनिधि भेजने से बाज आए।