न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
अतरौली के गांव रजामऊ में हुए राशन की दुकान के प्रस्ताव के विरोध में डीएम से ऊंची आवाज में बात करना एक व्यक्ति को भारी पड़ गया। डीएम ने उसे लताड़ लगाते हुए शांति भंग के आरोप में जेल भेज दिया।
राशन की निलंबित दुकानों के अटैचमेंट के चलते उपभोक्ताओं को हो रही परेशानी के मद्देनजर डीएम ने सभी दुकानों के प्रस्ताव कराकर नए सिरे से आवंटन के आदेश दिए थे। लेकिन कुछ जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण अपने चहेतों को दुकान न मिलने एवं कमीशनखोरी के लालच में अटैचमेंट समाप्त करने के पक्ष में नहीं हैं।
यह लोग लगातार नए सिरे से आवंटन का विरोध करने तथा रोड़ा अटकाने के प्रयासों में जुटे हुए हैं। ऐसा ही एक मामला अतरौली के गांव रजामऊ का सामने आया। गत दिवस इसका प्रस्ताव कराने गए ग्राम पंचायत सचिव को कुछ ग्रामीणों ने बंधक बना लिया था। बाद में किसी तरह मुख्य विकास अधिकारी को भेजकर बमुश्किल प्रस्ताव कराया जा सका।
इस मामले में मंगलवार को यमुनानगर दादों निवासी सूरज पुत्र झम्मन डीएम से मिलने पहुंचा। उसने प्रस्ताव को गलत बताते हुए डीएम से इसे निरस्त कराने की मांग की। डीएम ने पूछा कि प्रस्ताव में कहां गलती हुई तो वह ऊंची आवाज में बहस करने लगा।
इससे नाराज डीएम ने उसे शांति भंग के आरोप में जेल भेजने के आदेश कर दिए। डीएम चंद्रभूषण सिंह ने स्वीकार किया कि बेवजह प्रस्ताव का विरोध करने के मामले में सूरज को जेल भेजने के आदेश किए गए हैं।