न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
4 दिन पहले तक इलाज के लिए हरियाणा के आसरे रही अलीगढ़ की कुपोषित बेटी को अब कहीं भटकने की जरूरत नहीं। अमर उजाला के प्रयास से अब राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत डीआईसी और एनआरसी दोनों मिलकर लक्ष्मी का नि:शुल्क इलाज करेंगे। मंगलवार को बच्ची को जेएन मेडिकल कॉलेज लाकर दोनों केंद्रों ने उपचार शुरू कर दिया है। उपचार से पूर्व चिकित्सकीय परीक्षण में पता लगा कि 6 वर्षीय बेटी का विकास 4 वर्षों से रुका हुआ था।
अमर उजाला ने 13 जनवरी के अंक में बिजौली के गांव सिरसा की कुपोषित लक्ष्मी पुत्री हरिकिशन की दुर्दशा का खुलासा किया था। इस पर हरकत में आई स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर लक्ष्मी का रूटीन टेस्ट किया था और पोषण पुनर्वास केंद्र में उपचार कराने की घोषणा की थी।
मंगलवार को मोबाइल टीम ने गांव पहुंचकर लक्ष्मी का चेकअप किया और फिर बिजौली सीएचसी पर भी परीक्षण कराया। इसके बाद टीम ही लक्ष्मी को जेएन मेडिकल स्थित जिला प्रारंभिक परीक्षण केंद्र लायी और विस्तृत जांच करायी।
केंद्र के मेडिकल अफसर डॉ. इश्तियाक ने बताया कि लक्ष्मी में कुपोषण सहित तालु में सुराग, दिमागी व शारीरिक विकास का रुकना और छोटा सिर जैसे 4 डिफेक्ट पाए गए हैं।
डेवलपमेंट डिले के कारण 5 वर्ष की उम्र में भी लक्ष्मी का शारीरिक व मानसिक विकास 6 माह के बच्चे जितना ही है। इसीलिए वह कुपोषित भी रह गई।
मंगलवार से ही फिजियोथेरेपी सहित अन्य उपचार शुरू कर दिए हैं। लक्ष्मी की एमआरआई भी होगी। इसके अतिरिक्त कुपोषिण से संबंधी उपचार के लिए एनआरसी भी भेजा गया।
वहां न्यूट्रिशनिष्ट डॉ. अंजली रानी ने अपनी जांच में बेटी का वजन 9.9 किग्रा, हाइट 84.5 सेमी, एमयूएसई 13.1 सेमी और वेट फॉर हाइट लेजर माइनस 1 स्टैंडर्ड पाया। उन्होंने लक्ष्मी का पोषण चेक करते हुए पिता हरिकिशन की काउंसलिंग भी की। दोनों केंद्रों ने माना कि लक्ष्मी का यही उपचार 3 साल पहले शुरू हो जाना चाहिए था। अब दोनों केंद्र लक्ष्मी को विकास से जोड़ने में जुट गए हैं।