हरदुआगंज स्थित कोविड-19 अस्पताल -एल-1- में जिला जेल के बंदी की उपचार के दौरान बीती रात देहांत हो गया। इसके अतिरिक्त सीओ सहित 136 लोग कोरोना वायरस की चपेट में आ गए हैं। महानगर के विकास नगर में 10, संगम विहार में 7 लोग और नगर निगम के 5 कर्मचारी भी संक्रमित हुए हैं। जनपद में अब संक्रमित मरीजों की संख्या 7559 तक पहुंच गई है। वर्तमान में सक्रिय मरीजों की संख्या 1496 है। सोमवार को 111 लोगों ने कोरोना को पराजित किया।
जिला जेल के 60 वर्षीय कैदी को रविवार शाम में हरदुआगंज स्थित एल-1 अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रात्रि करीब 12 बजे के आसपास उसकी मृत्यु हो गई। कैदी गभाना के भरथरी गांव का रहने वाला था। सीएमओ डॉ. बीपी सिंह कल्याणी ने बताया कि कोरोना के अतिरिक्त कैदी हृदय रोग से पीड़ित था। दिल्ली के एक अस्पताल में एक मरीज की मौत की चर्चा है लेकिन अभी उसकी अधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जेएन मेडिकल कॉलेज, पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय, प्राइवेट लैब एवं एंटीजन टेस्ट में सोमवार को 136 लोग संक्रमित पाए गए हैं। विकासनगर गली नंबर 2 में कोरोना का कहर है। वहां 10 लोग संक्रमित पाए गए हैं।
पहले भी इस गली में कई मरीज निकल चुके हैं। नगर निगम के 5 कर्मचारी कोरोना वायरस की चपेट में आए हैं। सीएमओ कंपाउंड के पास रहने वाले 53 वर्षीय सीओ भी कोरोना की चपेट में आ गए हैं। दीनदयाल अस्पताल परिसर के 4 और पुष्पांजलि के 2 लोग चपेट में आए हैं। पुष्पांजलि के एक व्यक्ति की रविवार को मृत्यु हुई थी। रामबाग कॉलोनी के 2, संगम विहार के 7, मलिक इगलास के 2, औद्योगिक आस्थान के 2, सेमला लोधा के 2, एएमयू के एसएन हॉल की एक महिला एवं मेडिकल कॉलोनी का एक व्यक्ति चपेट में आया है। कृष्णा विहार पला रोड के 5, मामू भांजा के 2, स्वर्ण जयंतीनगर के 2, नगला भाई बेग क्वार्सी के 4, अंबेडकर कॉलोनी डोरीनगर के 3 और शिवपुरी के 2 लोग संक्रमित हुए हैं। जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने बताया कि लक्षण के आधार पर संक्रमितों को होम आइसोलेट एवं कोविड-19 अस्पताल में भर्ती किया जा रहा है।
बिजली विभाग के कर्मचारी की मौत
बन्नादेवी थाना क्षेत्र के आईटीआई रोड रामनगर निवासी 48 वर्षीय बिजली विभाग के एक कर्मचारी की मौत हो गई है। कर्मचारी की तबियत खराब थी। वह पिछले कुछ दिनों से दफ्तर नहीं आ रहे थे।
उनके निधन की सूचना पर लाल डिग्गी स्थित कार्यालय पर शोक सभा का आयोजन किया गया। अधिशासी अभियंता पीके सागर ने बताया कि जगदीश प्रसाद चार-पांच दिन से बीमार थे और कार्यालय नहीं आ रहे थे। उनका कोरोना टेस्ट नहीं हुआ था। अधीक्षण अभियंता धर्मेंद्र सारस्वत ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया।