न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय कोर्ट की एक विशेष बैठक 2 दिसंबर को प्रात: 11 बजे एनआरएससी क्लब में आयोजित की जाएगी, जिसमें एएमयू के चांसलर, प्रो चांसलर एवं ऑनरेरी ट्रेजरार के निर्वाचन की प्रक्रिया पूर्ण की जाएगी। चांसलर, प्रो चांसलर एवं ऑनरेरी ट्रेजरार का कार्यकाल 3 वर्षों के लिए होगा।
एएमयू पीआरओ आफिस के एमआईसी प्रो. शाफे किदवई ने बताया कि एएमयू कोर्ट की इस विशेष बैठक की सूचना रजिस्ट्रार अब्दुल हमीद (आईपीएस) द्वारा 16 नवंबर 2018 को जारी की गई है।
उन्होंने कहा कि विशेष बैठक के उपरांत अपराह्न 3 बजे एएमयू कोर्ट की वार्षिक बैठक आयोजित होगी, जिसमें 16 बिंदुओं के एजेंडा पर विचार-विमर्श किया जाएगा। उक्त बैठक की सूचना रजिस्ट्रार द्वारा 27 अक्टूबर 2018 को जारी की गई थी।
नवनिर्वाचित कोर्ट सदस्यों की नहीं हुई है अधिकारिक घोषणा
एएमयू कोर्ट की विशेष बैठक में नवनिर्वाचित 11 छात्र प्रतिनिधि शामिल नहीं होंगे। दरअसल इनके निर्वाचित होने से संबंधित अधिकारिक घोषणा एएमयू रजिस्ट्रार द्वारा अब तक नहीं की गई है। अधिकारियों का कहना है कि कोर्ट सदस्यों के निर्वाचन की घोषणा रजिस्ट्रार करते हैं। नवनिर्वाचित कोर्ट सदस्यों का कार्यकाल 2 जनवरी से शुरू होगा। उसके बाद ही वह अधिकारिक रूप से कोर्ट सदस्य माने जाएंगे। हालांकि दिलचस्प पहलू यह भी है कि एएमयू कोर्ट में छात्रों की ओर से प्रतिनिधित्व करने वाले पूर्व निर्वाचित कई कोर्ट सदस्य अपना कोर्स पूरा कर चुके हैं और वर्तमान समय में छात्र नहीं हैं। इसकी वजह से वे शामिल नहीं हो सकेंगे। शिक्षक प्रतिनिधियों के भी पद रिक्त हैं।
चांसलर पद पर इनके नाम पैनल में आने की चर्चा...
निवर्तमान चांसलर सैयदना मुफद्दल सैफुदीन, जस्टिस एमएसए सिद्दीकी, विप्रो के अजीम प्रेमजी, मणिपुर की राज्यपाल नजमा हेपतुल्ला एवं मानु के पूर्व चांसलर जफर सरेशवाला