न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
महानगर के दोनों बस स्टैंडों पर सोमवार को भी यात्रियों के दबाव के आगे रोडवेज अधिकारियों की व्यवस्थाएं फेल हो गई। मसूदाबाद बस स्टैंड पर नोएडा, दिल्ली, बल्लभगढ़ के यात्रियों की अधिक भीड़ रही, वहीं गांधी पार्क बस स्टैंड पर आगरा, मथुरा, एटा, हाथरस, कासगंज के यात्रियों को काफी दिक्कतों को सामना करना पड़ा।
यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए एक डिपो के अधिकारी दूसरे डिपो के अधिकारियों से गाड़ी की डिमांड करते दिखाई दिए, लेकिन महानगर के दोनों ही डिपो में बसों की कमी के कारण वह एक दूसरे की मदद करने में असफल साबित हुए।
सोमवार को मसूदाबाद बस स्टैंड पर दिल्ली, नोएडा, बल्लभगढ़ समेत अन्य स्थानों पर नौकरी करने वालों लोगों की अच्छी खासी भीड़ थी। इसमें महिला पुरुष दोनों ही शामिल थे। पूरे दिन यात्रियों को बसों में बैठने के कड़ा संघर्ष करना पड़ा।
इधर, गांधी पार्क बस स्टैंड पर भी हालात कुछ इसी तरह के थे। यहां भी लोकल रूट के यात्रियों को बसों के इंतजार में काफी देर तक खड़ा रहना पड़ा। दोपहर के समय तो मथुरा, आगरा, कासगंज, एटा, हाथरस के लिए कोई बस न होने पर यात्री आक्रोशित हो गए।
मसूदाबाद बस स्टैंड पर बसों के संचालन की व्यवस्था को संभालने के लिए क्षेत्रीय प्रबंधक जेडए नोमानी, एसएम एसके यादव, एआरएम अलीगढ़ लोकेश राजपूत मोर्चा संभाले रहे। एआरएम अलीगढ़ लोकेश राजपूत ने बताया कि शाम को सात बजे के बाद भीड़ का दबाव कम हुआ।
पूरे दिन भीड़ का दबाव रहा। यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए बसों का पूरा प्रबंध किया गया था। कई स्थानों पर जाम लगने के कारण कुछ देर के लिए बसों का स्टैंड पर आना बंद हो गया था। जबकि बाद में व्यवस्था पूर्णत नियंत्रण कर ली गई।