डेस्क न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़
शुक्रवार को स्पोर्ट्स स्टेडियम बुक होने को लेकर खिलाड़ियों में ठन गई। सीनियर खिलाड़ियों की सूझबूझ के चलते खेल का मैदान जंग का मैदान होने से बच गया। दशहरा की छुट्टी की वजह से स्टेडियम प्रशासन ने किसी भी खिलाड़ी के चोटिल होने की जिम्मेदारी से नोटिस लगाकर अपना पल्ला झाड़ चुका था। अलबत्ता, स्टेडियम बुकिंग पर था। खिलाड़ियों ने भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है।
शुक्रवार को स्टेडियम में दशहरा पर्व की छुट्टी थी। इसलिए यहां न तो कोई कर्मचारी था और न ही कोई अधिकारी।
बावजूद इसके स्टेडियम की बुकिंग क्रिकेट क्लब के खिलाड़ियों के लिए थी। हद तब हो गई, जब एक वक्त में चार टीमें खेलने पहुंच गईं। पहले से खेल रही टीमों को बुकिंग रसीद दिखाने को लेकर दूसरी टीम के खिलाड़ियों में ठन गई। हंगामे की स्थिति बन गई। कुछ खिलाड़ियों की सूझबूझ के चलते लड़ाई नहीं हो सकी। मैच को बीच में बंद करके दूसरी टीम को खेलने के लिए दे दिया गया। खिलाड़ी आफताब, मोहम्मद आजाद, दानिश, जावेद, मुजाहिद आदि ने स्टेडियम प्रशासन पर निर्धारित फीस से ज्यादा फीस लेने का आरोप लगाया। इसमें एक कथित कोच व कर्मचारी की मिलीभगत से सरकारी कोष को नुकसान पहुंच रहा है। उधर, प्रभारी क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी नसरीन बानो ने सारे आरोप को बेबुनियाद बताया।