न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
जेल में बंदी फुरकान की संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगने से हुई मौत के प्रकरण ने तूल पकड़ लिया है। सपा ने ऐलान किया है अगर 72 घंटे के अंदर जिला प्रशासन ने पीड़ित परिजनों से मुलाकात कर उनको मुआवजा या आर्थिक मदद नहीं दी तो सड़कों पर आंदोलन होगा। यही नहीं आगामी 11 अगस्त को डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर की बैठक में आ रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने भी प्रदर्शन होगा।
खैर तहसील के गांव चौधाने में गोशाला बनवाने की मांग को लेकर गांव भाड़ोली में अनशन पर बैठे ग्रामवासियों का धरना जबरन खत्म कराने, 100 ग्रामीणों के खिलाफ पुलिस रिपोर्ट दर्ज कराने, धरने का नेत़ृत्व कर रहे लोकेश तिवारी को जिला अस्पताल से जेल भेजने पर भी सपाइयों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
सोमवार को पत्रकारों से मुखातिब सपा जिलाध्यक्ष अशोक यादव और पूर्व महानगर अध्यक्ष अज्जू इशहाक ने कहा कि भाजपा की सरकार और प्रशासन को लगने लगा है कि वो कुछ भी कर सकते हैं, लेकिन ऐसा नहीं होगा। लोकतंत्र में ऐसा नहीं हो सकता है। सपाइयों ने कहा कि हर हाल में फुरकान के परिजनों को इंसाफ दिलाया जाएगा। आज पूरे प्रदेश में बेकसूर लोगों को नशीला पाउडर लगाकर जेल भेजने का चलन बन गया है। जेल में निर्दोष लोगों को मारा जा रहा है। फुरकान को जेल भेजने वाले क्वार्सी थाने के दरोगा राजीव की जांच होनी चाहिए। सपाइयों ने कहा कि आवारा गोवंश से बर्बाद हो रही खेती को बचाने के लिए हर तहसील में गोशाला बनवाई जाए, अन्यथा सरकार गोवंश की रक्षा का ढोंग नहीं करे।
इस मौके पर फुरकान के भाई सलीम खां, सपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य शाकिर अंसारी, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य विनोद सविता, अजय कुमार, जस्सू शेरवानी, आशीष मोहन यादव, कुंवर बहादुर बघेल आदि मौजूद रहे। वहीं पत्रकार वार्ता में पूर्व नगर विधायक जफर आलम और महानगर अध्यक्ष जावेद अजीज नहीं थे।