क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
लखनऊ के दो होटलों में अगिभनकांड में मौतों के बाद जांच की जद में आए शहर के होटलों का चेकिंग अभियान जारी है। मंगलवार को भी शहर के चार होटलों की अगिभनशमन व नगर निगम टीम द्वारा संयुक्त रूप से जांच की गई। इस जांच में चारों में से किसी होटल पर फायर एनओसी नहीं पाई गई और किसी में भी अगिभनशमन मानक पूरे नहीं थे। अभी और भी होटलों की जांच होना बाकी है।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी विवेक शर्मा ने बताया कि नगर निगम अधिकारियों व फायर अफसर संजय जायसवाल के साथ मंगलवार को होटल आनंद पैलेस समद रोड, होटल रायॅल क्लासिक शाहकमाल रोड, सेंट्रल होटल गांधीपार्क, होटल धीरज पैलेस गांधी पार्क में चेकिंग की गई। सीएफओ विवेक शर्मा के अनुसार चारों में से किसी के पास फायर एनओसी नहीं है। सभी का प्रवेश व निकास सिस्टम अगिभनशमन मानकों के अनुसार नहीं है। वहीं अगिभनशमन के उपाय भी नाकाफी हैं।
वहीं आनंद पैलेस होटल के भूखंड की पैमाइश कराना भी तय हुआ है। उन्होंने बताया कि यह चेकिंग अभी जारी रहेगी। इसकी विस्तृत रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी जाएगी। बता दें कि बीती 19 जून को लखनऊ में होटल विराट व एसएसजे इंटरनेशनल में भीषण आग लगने से छह लोगों की मौत हो गई थी और कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गये थे। मरने वालों में अतरौली का युवक भी शामिल था। इसके बाद से यह चेकिंग अभियान शुरू कराया गया है।
जांच के दो प्रमुख मानक
फायर प्रिवेंशन के तहत किसी भी कमर्शियल भवन में प्रवेश और निकास की व्यवस्था देखी जाती है। अगर भीड़ अचानक अग्निकांड में घिर जाए तो सैकड़ों लोगों को किस किस रास्ते से सुरक्षित निकाला जा सकता है। शहर के अधिकांश होटल और रेस्टोरेंट में ऐसी व्यवस्था नहीं है। आग बुझाने के लिए भवन के तीन ओर से पानी डालने के लिए जरूरी सेटबैक (तीन रास्ते) भी अधिकांश में नहीं छोड़ा गया है।
फायर फाइटिंग अरेजमेंट की जांच में होटल और रेस्टोरेंट में 50 से 70 फीसदी तक उपकरण ठीक मिले हैं। सौ फीसदी सही उपकरण और उपाय कहीं नहीं मिले हैं।
फायर अफसर के स्तर से 25 होटलों को चिह्नित कर उनकी जांच कराई जा रही है। हमें जो भी जांच आख्या मिलेगी उससे जिलाधिकारी को अवगत करा देंगे। इसके बाद उनके निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई होगी।
-विवेक शर्मा, मुख्य अग्निशमन अधिकारी।