न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की सेकेंडरी स्कूल सर्टिफिकेट (कक्षा 10) 2018 की वार्षिक परीक्षा में शीर्ष तीन स्थानों पर बेटियों ने कब्जा कर अपनी श्रेष्ठता साबित की है। शीर्ष स्थान प्राप्त करने वाली तीनों छात्राएं सीनियर सेकेंडरी स्कूल गर्ल्स की हैं।
एएमयू बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एंड सीनियर सेकेंडरी एजूकेशन की सेकेंडरी स्कूल सर्टिफिकेट (कक्षा 10) परीक्षा 2018 की वार्षिक परीक्षा का परिणाम गुरुवार को घोषित किया गया।
सीनियर सेकेंडरी स्कूल गर्ल्स की छात्रा श्रुति वार्ष्णेय ने 96.40 प्रतिशत अंक (500 में 482) हासिल कर शीर्ष स्थान प्राप्त किया है। श्रुति शहर के ज्ञानसरोवर कॉलोनी में रहती हैं।
वहीं सीनियर सेकेंडरी स्कूल गर्ल्स की ही युसरा तारिक 96 प्रतिशत (500 में 480) अंक हासिल कर दूसरे एवं उफक 95.60 प्रतिशत अंक (500 में 478) हासिल कर तीसरे स्थान पर रहीं। युसरा मूलरूप से पंजाब के गुरुदासपुर जिला एवं उफक बिहार के शिवहर जिले की निवासी हैं।
इस परीक्षा में सैयद हामिद सीनियर सेकेंडरी स्कूल ब्वायज, सीनियर सेकेंडरी स्कूल गर्ल्स, एसटीएस स्कूल, एएमयू गर्ल्स स्कूल, एएमयू सिटी स्कूल, एबीके हाई स्कूल गर्ल्स व ब्वायज, एएमयू सिटी गर्ल्स हाई स्कूल एवं अहमदी स्कूल फॉर विजुअली चैलेंज्ड के 1656 परीक्षार्थी शामिल हुए।
इसमें 1403 छात्र व छात्राओं ने सफलता हासिल की। सीनियर सेकेंडरी स्कूल सर्टिफिकेट की वार्षिक परीक्षा का परिणाम 84.2 प्रतिशत रहा। सीनियर सेकेंडरी स्कूल गर्ल्स की प्रिंसिपल नगमा इरफान ने शीर्ष स्थान हासिल करने वाली तीनों छात्राओं को बधाई देते हुए कहा है कि इन छात्राओं ने अपने स्कूल और अपने अभिभावकों के नाम को गौरवान्वित किया है।
आईएएस बनना चाहती हैं श्रुति
एएमयू की सेकेंडरी स्कूल सर्टिफिकेट परीक्षा की टॉपर श्रुति वार्ष्णेय आईएएस बनकर देश की सेवा करना चाहती हैं। हालांकि आईएएस के पहले वह एमबीबीएस करना चाहती हैं। श्रुति शहर के ज्ञानसरोवर कॉलोनी की निवासी हैं। उनके पिता सुमित कुमार वार्ष्णेय दवा व्यवसायी एवं मां शिक्षिका हैं। वह अपनी सफलता का श्रेय परिजनों एवं विनीत सर को देती हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने पढ़ने के लिए घंटे निश्चित नहीं किये हैं। टास्क के हिसाब से पढ़ती हैं। श्रुति बचपन से मेधावी हैं और क्लास एक से लेकर अब तक शीर्ष स्थान हासिल किया है। अलीगढ़ में गंदगी देखकर उन्हें बेहद दुख होता है। वह कहती हैं कि गंदगी हमारे शहर की जैसे पहचान बन गई है। इससे निजात मिलनी चाहिए।
गणितज्ञ बनना चाहती हैं युसरा
एएमयू की सेकेंडरी स्कूल सर्टिफिकेट परीक्षा में दूसरा स्थान हासिल करने वाली युसरा तारिक गणितज्ञ बनकर देश की सेवा करना चाहती हैं। युसरा मूलरूप से पंजाब के गुरुदासपुर जिले की निवासी हैं। उनके पिता ताहिर अहमद तारिक गैर सरकारी संस्था (एनजीओ) में काम करते हैं। युसरा की बड़ी बहन एएमयू में 12वीं की छात्रा है, जबकि बड़े भाई पत्रकारिता का कोर्स कर रहे हैं। एक छोटी बहन भी है। युसरा अपनी सफलता का श्रेय अपने शिक्षकों, परिजन एवं मित्रों को देती हैं। उन्होंने कहा कि अच्छे नंबर हासिल करने के लिए एकाग्रचित होकर अध्ययन करना चाहिए। युसरा ने अलीगढ़ में हॉस्टल में रहकर पढ़ाई की है।
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डॉक्टर बनना चाहती हैं उफक
एएमयू की सेकेंडरी स्कूल सर्टिफिकेट परीक्षा में तीसरा स्थान हासिल करने वाली उफक डॉक्टर बनकर पीड़ित मानवता की सेवा करना चाहती हैं। उफक मूलरूप से बिहार के शिवहर जिले के गांव बसाहिया शेख गांव की निवासी हैं। उनके पिता मो. शब्बीर सेल टैक्स विभाग में अधिकारी हैं। उफक ने एएमयू के कक्षा 11वीं में दाखिला के लिए प्रवेश परीक्षा दी हैं। उनका छोटा भाई मो. आतिफ एएमयू के मिंटो सर्किल स्कूल में कक्षा 8 का छात्र है। उफक कक्षा 9 से एएमयू के सीनियर सेकेंडरी स्कूल गर्ल्स में हैं। उससे पूर्व उन्होंने शिवहर में पढ़ाई की है। उनके पिता रोज 20 से 25 मिनट टेलीफोन पर बात कर मार्गदर्शन करते हैं। खासकर साइंस विषय से संबंधित समस्याओं को साल्व करने में मदद करते हैं।