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निर्माण क्षेत्र में गिरावट से ताला-हार्डवेयर उद्योग की हालत खराब

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
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निर्माण क्षेत्र (घरेलू एवं व्यावसायिक) में गिरावट से ताला एवं हार्डवेयर उद्योग की स्थिति दिनो-दिन खराब होती जा रही है। इसमें सुधार के बिना ताला-हार्डवेयर उद्योग की बेहतरी का सपना देखना बेमानी है। कच्चे माल के मूल्य बढ़ने एवं अन्य कारणों से इंटरनेशनल मार्केट में भी यहां के निर्यातक टिक नहीं पा रहे हैं।
यहां के ताले एवं हार्डवेयर की खपत निर्माण क्षेत्र में है।

वर्तमान समय में निर्माण क्षेत्र सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है। ऐसे में घरेलू बाजार में ताले एवं हार्डवेयर के उत्पादन एवं बिक्री पर प्रभाव लाजिमी है। जीएसटी लागू होने के बाद कच्चे माल में तेजी के कारण यहां के निर्यातक इंटरनेशनल मार्केट में भी नहीं टिक पा रहे हैं।
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इससे यहां के ताला एवं हार्डवेयर उद्योग की सेहत सुधरने के बजाए बिगड़ती जा रही है। 21-22 फरवरी को लखनऊ में इन्वेस्टर्स समिट है। करीब 28 लोग अलीगढ़ में 1100 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के लिए इच्छुक हैं। अधिकतर निवेश ताला-हार्डवेयर एवं वेयर हाउसिंग क्षेत्र से संबंधित हैं। इससे शासन एवं प्रशासन के लोग बेहद उत्साहित हैं।

हालांकि जानकारों का कहना है कि एक जिला एक उत्पाद के अंतर्गत चयनित अलीगढ़ के ताला एवं हार्डवेयर का सीधा संबंध निर्माण क्षेत्र से है। उसकी हालत में जब तक सुधार के बिना ताला-हार्डवेयर की स्थिति में सुधार संभव नहीं है।

यहां के उत्पादों की बिक्री में करीब 25 प्रतिशत की गिरावट आई है। तीन साल पहले जितना माल बिकता था, उससे 25 प्रतिशत कम बिक रहा है। जबकि उद्यमी हर साल 10 प्रतिशत ग्रोथ का लक्ष्य लेकर चलते हैं। इस हिसाब से देखे तो तीन साल में 60 प्रतिशत की गिरावट है। स्थिति में सुधार के लिए निर्माण क्षेत्र की स्थिति को बेहतर करने की जरूरत है। इसके अतिरिक्त कच्चे माल की बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाना होगा। बैंकिंग इंडस्ट्री की तरह कंस्ट्रक्शन सेक्टर के लिए स्कीम लाकर प्रोत्साहित करना होगा। एक्सपोर्ट को बढ़ावा देना होगा एवं जमाखोरी खत्म करना होगी।
- सुनील दत्ता, महामंत्री तालानगरी औद्योगिक विकास एसोसिएशन

मुख्यमंत्री योगी को ब्लू प्रिंट सौंपेंगे विजय बजाज
ताला एवं हार्डवेयर के विकास के लिए यहां के मशहूर उद्योगपति विजय बजाज ब्लू प्रिंट तैयार कर रहे हैं। इसके लिए विभिन्न क्षेत्रों के उद्यमियों से संपर्क किया जा रहा है। एक सप्ताह में इसे तैयार कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपना है।

गत दिनों नई दिल्ली में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ताला एवं हार्डवेयर की स्थिति पर विचार करने के लिए उद्योगपति विजय बजाज, वीएस पॉल आदि को बुलाया था। विजय बजाज ने बताया कि वर्तमान समय में बहुत अधिक मात्रा में हार्डवेयर चाइना से आयात हो रहा है।

इसे रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर उद्योगों को विकसित करना होगा। उद्यमियों को फाइनेंस एवं अनुदान देने होंगे। नए इंजीनियरिंग लर्निंग सेंटर विकसित करने होंगे। कॉमन ट्रीटमेंट प्लांट लगाने होंगे, ताकि शहर से छोटे-छोटे उद्यमियों को न निकाला जाए। महानगर में ट्रांसपोर्टनगर भी जरूरी है।

अंग्रेजी काल से ताले के लिए प्रसिद्ध है अलीगढ़
अंग्रेजी काल से ही अलीगढ़ ताले के लिए प्रसिद्ध है। वर्ष 1842 से 1872 के मध्यम डाक व्यवस्था के अंतर्गत डाक पत्र पेटिका में सुरक्षा की दृष्टि से ताले की आवश्यकता हुई। सर्वप्रथम ब्रिटिश उद्योगपति जेएच जॉन्सन द्वारा फैक्ट्री स्थापित की गई। इस फैक्ट्री के बंद होने के बाद इसी फैक्ट्री के हेड मिस्त्री हीरालाल द्वारा 1887 में ताला फैक्ट्री स्थापित की गई।

इसके बाद ताला बनाने की तकनीक में परिवर्तन होता रहा। सर्वप्रथम हैंड मेड ताला, फिर डाई पंच तकनीक और वर्तमान में पिन सिलेंडर तकनीक पर ताले बनाये जा रहे हैं। वर्तमान समय में यहां पैडलॉक, डोरलॉक, मल्टीस्लोट साइकिल लॉक, मल्टीपरपज लॉक आदि बनाए जा रहे हैं। लगभग 50वें दशक में यहां लौह व अलौह धातुओं के निर्मित बिल्डिंग हार्डवेयर एवं पीतल की मूर्तियों का निर्माण भी प्रारंभ हुआ, जो विकास करते हुए निर्यात स्तर तक पहुंच चुका है।

आज अलीगढ़ ब्रॉस हार्डवेयर एवं आर्टवेयर के निर्यात की दृष्टि से उत्तर प्रदेश में एक अति महत्वपूर्ण स्थान रखता है। इसी को दृष्टिगत रखते हुए उत्तर प्रदेश शासन ने अलीगढ़ को निर्यातन्मुखी जनपद की श्रेणी में सूचीबद्ध किया है। वर्तमान में विश्व के अनेक देशों जर्मनी, यूके, आस्ट्रेेलिया, श्रीलंका एवं अरब देशों को ब्रास हार्डवेयर एवं आर्टवेयर के लगभग 2 हजार करोड़ का निर्यात किया जा रहा है।

डेढ़ लाख से अधिक लोग लगे हैं ताला व हार्डवेयर उद्योग में
ताला एवं हार्डवेयर यहां का कुटीर उद्योग होने के कारण उससे संबंधित कार्य घर-घर में होते हैं। वर्तमान में विभिन्न प्रकार के उत्पादों जैसे ताला, हार्डवेयर, आर्टवेयर, खाद्य आधारित व अन्य इंजीनियरिंग उद्योगों की कुल 9 हजार इकाइयां पंजीकृत हैं, जिनमें करीब 2400 करोड़ की पूंजीनिवेश है और करीब 10 हजार करोड़ वार्षिक टर्नओवर है। इसमें प्रत्यक्ष रूप से करीब एक लाख पचास हजार श्रमिक, कारीगर हैं।
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ताला उद्योग में मूलत: लीवर तकनीक का प्रयोग होता है। यहां के कुछ बड़ी फैक्ट्रियों में पिछले दस साल से पिन सिलेंडर तकनीक का प्रयोग किया जा रहा है।

औद्योगिक क्षेत्र
- औद्योगिक आस्थान
- तालानगरी
- सीडीएफ छेरत

एक जिला एक उत्पाद के अंतर्गत अलीगढ़ से लॉक्स एंड हार्डवेयर का चयन हुआ है। इन्वेस्टर्स समिट के लिए 100 करोड़ का लक्ष्य शासन से मिला था, लेकिन 1100 करोड़ रुपये निवेश से संबंधित प्रस्ताव बनाकर भेज दिया गया है। करीब 29 उद्यमी यहां निवेश को इच्छुक हैं। एक जिला एक उत्पाद योजना की मंशा गैप को पहचान कर उद्योग की सेहत में सुधार करना है।
- सुधांशु तिवारी, उपायुक्त उद्योग
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