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लैला में लैला पर थिरके गौहर के कदम, दर्शक गए जम

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
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रीमिक्स ने संगीत में नया रोमांच भी पैदा किया है और पुराना वह स्वाद जब नए कलेवर में सामने आता है तो जमाना कोई हो असर दिखाता है।

बुधवार की रात राजकीय औद्योगिक एवं कृषि प्रदर्शनी में अभिनेत्री गौहर खान जब 80 के दशक की हिट फिल्म ‘कुर्बानी’ के गीत लैला में लैला के रीमिक्स के साथ मंच पर आयीं तो लगा दर्शक अब बेकाबू ही हो जाएंगे। खैर पंडाल के अंदर मौजूद सुरक्षा कर्मी हरकत में आए और कार्यक्रम आगे बढ़ा।

गौहर खान ने अपने ऊपर फिल्मांकन किया गया गीत ‘काला चश्मा’ पर भी अपने अंदाज और डांस के जलवे दिखाए जिसे दर्शकों ने खूब पसंद किया। चर्चित फिल्म ‘इश्कजादे’ के गीत ‘छल्ला मेरा आशिक बल्ला’ पर अपनी अदाओं से गौहर खान ने अलीगढ़ वालों को दीवाना बनाया।
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दूसरे दौर मेें गौहर खान ने रीमिक्स गानों की पैरोडी पर अपने डांस का अंदाज दिखाया। हालांकि गौहर खान के लिए दर्शक बार-बार मंच पर बुलाने की मांग करते रहे, लेकिन वह दो प्रस्तुतियों तक ही सीमित रहीं।

इस दौरान एक युवक गौहर खान की प्रस्तुति की वीडियो बनाते हुए मंच तक चढ़ गया उसे पुलिस अधिकारियों ने रोक लिया। बाद में पूछताछ में पता चला कि वह डांस रूम से ही है, जिसके बाद उसे छोड़ दिया। इससे पूर्व लाफ्टर चैंपियन रहे राजीव मल्होत्रा ने अपने चिर परिचित अंदाज से लोगों को हंसाया। पंजाबी डांस की प्रस्तुति दी गई।

12 लाख में 18 मिनट की प्रस्तुति
बिग बास सीजन 7 की विजेता रहीं अभिनेत्री गौहर खान की नाइट को लेकर शहर के लोगों से ज्यादा उत्साह प्रशासनिक तंत्र में दिखा। गौहर खान की यह नाइट करीब 12 लाख रुपये में होने की बात कही जा रही है। उन्होंने दो हिस्सों में करीब 18 मिनट की प्रस्तुति मंच पर दी, लेकिन आलम यह रहा कि बाहर लोग अंदर प्रवेश करने के लिए मशक्कत करते रहे और अंदर कुर्सियां खाली पड़ीं रहीं। दूसरी ओर असंतोष को शांत करने में अफसरों ने पास कूटनीति का भी सहारा लिया। भाजपा के नेताओं को 30, आरएसएस के एक प्रमुख सदस्य को 30, एक को 50 पास तक दिए गए।

फोटो के लिए बेचैन रहे अफसरों के परिवार
अभिनेत्री गौहर खान के साथ फोटो खिंचाने के लिए कुछ अफसरों के परिवार बहुत बेचैन दिखाई दिए। उनकी सुविधा का ध्यान रखते हुए गौहर खान के साथ फोटो की व्यवस्था की गई। इस काम में इवेंट मैनेजर से लेकर कुछ कार्यकारिणी सदस्य भी सक्रिय नजर आए। कार्यकारिणी सदस्यों ने अपने परिवार के सदस्यों को भी फोटो आपेक्षी सूची में जोड़ लिया। हालत यह रही कि कुछ अधिकारियों के अर्दली और उनके परिवार वाले भी फोटो खिंचाने में सबसे आगे रहे।

जनता से कट रहे हैं आयोजन
पिछले करीब 50 वर्षों से नुमाइश के आयोजन के गवाह रहे पूर्व शिक्षक फूलचंद शर्मा कहते हैं कि वक्त के साथ साथ नुमाइश जनता से दूर होती जा रही है। सभ्य और शिक्षित वर्ग का रुझान भी इसके प्रति कम हो रहा है। इसका प्रमुख कारण है अफसरों की मनमानी। एक वक्त था जब अरुण मिश्र और किशन सिंह अटोरिया जैसे अधिकारी नुमाइश घूम रहे लोगों से पूछ लिया करते थे कि कोई असुविधा तो नहीं हो रही है। उस समय सीधा संवाद था। अब वह बात कहां। अब तो सिर्फ अपना आमोद प्रमोद है। औद्योगिक विकास की प्रदर्शनी की बात तो कहीं पीछे छूट गई है।
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वंदना मिश्रा नाइट में संस्कृति की झलक
राजकीय औद्योगिक एंव कृषि प्रदर्शनी में बुुधवार को कृष्णांजलि नाट्यशाला में वंदना मिश्रा नाइट का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में एकल और सामूहिक प्रस्तुतियां दी गई जिन्हें खूब पसंद किया गया। दमा दम मस्त कलंदर, होटों में ऐसी बात में दबा के चली आई, आदि गीतों पर एक से बढ़कर एक प्रस्तुति दी गई। इससे पहले सरस्वती वंदना के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की गई। देर रात तक दर्शक कार्यक्रम का आनंद लेते रहे
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