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अलीगढ़... कली को खिलने का मौका तो दो: गुलफाम कली

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कली को खिलने का मौका तो दो : गुलफाम कली
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ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।

कली को खिलने का मौका तो दो। हम उसे खिलने का मौका देंगे, तभी तो वह बगिया को महकाएगी। यह कली कोई और नहीं, बल्कि हमारी और आपकी बेटियां हैं। समाज की बेड़ियों को तोड़ने की जद्दोजहद में वे खुद टूट जाती हैं। यदि परिवार वाले बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए प्लेटफार्म तैयार करें, तो वे समाज में अपना नाम रोशन कर सकती हैं। कुछ इसी अंदाज में सवालों के जवाब देती नजर आईं ‘भाबी जी घर पर हैं’ की गुलफाम कली (फाल्गुनी राजाणी)।

अमर उजाला के ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ कार्यक्रम में शामिल होने से पूर्व महर्षि वाल्मीकि मेला समिति के मेला संस्थापक आयोजक संदेश राज वाल्मीकि के निवास पर फाल्गुनी प्रेस से मुखातिब हुईं। बताया कि लगभग पांच साल के कड़े संघर्ष के बाद उन्हें काम मिलना शुरू हुआ, लेकिन पहचान ‘भाबी जी घर पर हैं’ से मिली। इससे पूर्व उन्होंने मराठी, गुजराती फिल्मों में काम किया।
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उनके परिवार में दूर-दूर तक कोई कलाकार नहीं है। पिता की मौत के बाद मां और बहनों ने उनको हर परिस्थिति में सहारा दिया। ‘भाबी जी घर पर हैं’ सीरियल में गुलफाम कली के रोल के लिए भी उन्हें सीरियल शुरू होने के दो माह बाद मौका मिला।

वह भी केवल दो एपीसोड के लिए। लेकिन उसके बाद लोगों ने उनके काम को पसंद किया, तो डायरेक्टर शशांक वाली ने उनके रोल को आगे बढ़ाया, जो अभी तक चल रहा है। फाल्गुनी ने बताया कि उन्हें अभी बहुत काम करना है। एक हिंदी फिल्म करनी है, ताकि उनकी प्रतिभा और निखर सके।
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उनके साथ आए हास्य कलाकार प्रेम चौधरी ने भी कुछ इसी अंदाज में जवाब दिए। प्रेम चोपड़ा से शक्ल मिलने के सवाल पर बोले कि यह तो भगवान की देन है। इसी कारण खुद प्रेम चोपड़ा भी उन्हें काफी पसंद करते हैं। प्रेसवार्ता में बॉलीवुड स्टार सनी ठाकुर समेत अन्य लोग मौजूद थे।
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