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ड्राइविंग सिखाने के नाम पर जान से खिलवाड़,

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ड्राइविंग सिखाने के नाम पर जान से खिलवाड़
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ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
अलीगढ़। मोटर ड्राइविंग सेंटर के नाम पर न केवल महानगर के लोगों को ठगा जा रहा है बल्कि उनके जीवन से भी खिलवाड़ किया जा रहा है। आरटीओ विभाग के अनुसार उनके यहां केवल एक मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल का पंजीकरण है, जबकि महानगर में आधा दर्जन से अधिक ऐसे ट्रेनिंग सेंटर चल रहे हैं। कुछ मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर तो मानकों को ताक पर रखकर पेट्रोल की गाड़ी को एलपीजी सिलेंडर से चला रहे हैं ताकि खर्चा कम आए। अवैध रुप से संचालित ऐसे ट्रेनिंग सेंटर को रोकने की जिम्मेदारी केवल आरटीओ विभाग की ही नहीं है बल्कि पुलिस की भी है, लेकिन दोनों ही विभाग इनके खिलाफ कार्यवाही नहीं करते। आरटीओ विभाग के अधिकारियों को तो याद भी नहीं है कि उन्होंने अवैध रूप से चल रहे ट्रेनिंग सेंटर के खिलाफ कार्यवाही कब की थी?

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महानगर में मोटर ड्राइविंग सिखाने की एक संस्था के पास अनुमति है, लेकिन इसकी विपरीत चार संस्थाएं पंजीकृत हैं। जो कि बस एवं ट्रक चलाने की भी ट्रेनिंग देते हैं।
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4 हजार ट्रेनिंग के, 3500 रूपये लाइसेंस बनवाने के
अमर उजाला ने अवैध चल रहे मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर के एक संचालक से ग्राहक बनकर बात की तो उसने बताया कि कार चलाने की एवज में वह चार हजार रुपये लेगा। 10 दिन के अंदर कार चलाना सिखा देते हैं। जब पूछा गया कि लाइसेंस बनवाने में कितना खर्चा आएगा तो उसने लर्निंग से लेकर परमानेंट लाइसेंस तक का खर्चा 3500 रुपये बताया। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद मिलने वाले प्रमाण पत्र के बारे में बताया कि उनके यहां ऐसा कोई प्रमाण पत्र नहीं किया जाता बस कार चलाना सिखाया जाता है।
ये हैं ट्रेनिंग सेंटर के मानक
- ट्रेनिंग देने वाला ड्राइवर आईटीआई, ऑटोमोबाइल या डिप्लोमा मैकेनिकल आटोमोबाइल किए हुए हो
- उसका कॉमर्सियल हैवी लाइसेंस कम से कम पांच साल पुराना हो।
- ट्रेनिंग स्कूल के लिए एक कार्यालय हो उसके बराबर में कमरा होना चाहिए। जिसमें पुरानी गाड़ियों के पार्ट रखे हों ताकि प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले को पार्ट के बारे में भी समझाया जा सके।
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- गाड़ी के आगे और पीछे बड़ा ‘एल’ का निशान लगा हो
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मामला अभी संज्ञान में आया है। इस ओर तो विभाग का ध्यान भी नहीं था। जल्द ही अभियान के तहत इनकी चेकिंग कराई जाएगी। यदि कोई अवैध रूप से पाया गया तो उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई कराई जाएगी।
आरटीओ डॉ. विक्रम सिंह
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