नियुक्ति मामले में कस रहा सीबीआई का फंदा
ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
गलत तरीके से महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्ति मामले में सीबीआई का फंदा एएमयू अधिकारियों के करीब पहुंच गया है। सोमवार को सीबीआई के अधिकारी एएमयू में पहुंचने वाले है। रजिस्ट्रार आफिस में ग्राउंड फ्लोर पर उनके लिए कमरे का इंतजाम किया गया है। टीम यहीं बैठकर मामले की जांच करेंगे। जरूरत पड़ने पर लोगों के घर तक जाएंगे। इसकी वजह से एएमयू में हड़कंप की स्थिति है।
एएमयू में करीब दस साल पहले योग्यता को दरकिनार कर महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्ति हुई थी। इसके अतिरिक्त एएमयू में वित्तीय, प्रशासनिक एवं अकादमिक अनियमितता की शिकायत केंद्र सरकार तक पहुंची है। ऊपर से हरी झंडी मिलने के बाद मामले की जांच देहरादून सीबीआई आफिस द्वारा की जा रही है।
रजिस्ट्रार एवं वित्त आफिस में तैनात कई अधिकारियों एवं पूर्व अधिकारियों का बयान इस मामले में हो चुका है। कई सेवानिवृत्त प्रोफेसर एवं अधिकारियों को भी इस सिलसिले में देहरादून तलब किया गया था। लेकिन अधिक उम्र की परेशानी की वजह से ऐसे लोग शामिल नहीं हो सके। उसके बाद सीबीआई अधिकारियों ने एएमयू प्रशासन से रजिस्ट्रार आफिस में कमरा देने को कहा था ताकि यहीं रहकर मामले की जांच कर सकें। एएमयू प्रशासन द्वारा सीबीआई के लिए ग्राउंड फ्लोर पर कमरा दिये जाने की चर्चा है।
सीबीआई अधिकारियों ने जांच से संबंधित लोगों को पहले ही नोटिस देकर तलब कर लिया है। यह भी कहा जा रहा है कि जांच के लिए राष्ट्रपति पदक से सम्मानित सीबीआई इंस्पेक्टर टीपी देवरानी आ रहे है। एएमयू रजिस्ट्रार प्रो. जावेद अख्तर ने बताया कि सीबीआई के अधिकारी सोमवार को आ रहे है। उन्हें कमरा उपलब्ध कराया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि इस मामले में ज्वाइंट फाइनेंस आफिसर शाकेब अर्सलान, डिप्टी फाइनेंस आफिसर मसूद उर रहमान, पूर्व कार्यवाहक रजिस्ट्रार नाजिम अली आदि को पहले ही देहरादून स्थित सीबीआई आफिस में तलब किया गया था।