हाथरस के 1113 निजी स्कूलों को फीस के रूप में दिया जाएगा, जहां आरटीई के तहत बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इसके अलावा कॉपी-किताब, स्कूल यूनिफॉर्म, जूते और मोजे खरीदने के लिए धनराशि सीधे अभिभावकों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत निजी स्कूलों में दाखिला लेने वाले नौनिहालों के लिए राहत भरी खबर है। शासन ने जिले के छात्र-छात्राओं के लिए 13 करोड़ रुपये का अनुदान जारी कर दिया है। इस बजट से न केवल बच्चों की स्कूल फीस भरी जाएगी, बल्कि जल्द ही उनके पास अपनी किताबें, जूते और मोजे भी होंगे।
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जिले में आरटीई के तहत 1113 निजी स्कूलों को नामांकित किया गया है। अब तक लगभग 2600 बच्चों को विभिन्न स्कूलों में प्रवेश दिलाया जा चुका है। शासन द्वारा प्रदान की गई राशि सीधे अभिभावकों के खाते में जाएगी। बजट का एक हिस्सा उन 1113 निजी स्कूलों को फीस के रूप में दिया जाएगा, जहां आरटीई के तहत बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इसके अलावा कॉपी-किताब, स्कूल यूनिफॉर्म, जूते और मोजे खरीदने के लिए धनराशि सीधे अभिभावकों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। शिक्षा विभाग ने इस सत्र में 7000 बच्चों को प्रवेश दिलाने का लक्ष्य रखा था, जिसके सापेक्ष अभी प्रक्रिया जारी है।
बजट प्राप्त होते ही इसे वितरित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्राथमिकता यही है कि सत्र के बीच में बच्चों की पढ़ाई और सुविधाओं में कोई बाधा न आए।- डॉ. राकेश कुमार सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी