एएमयू में बीती 15 दिसंबर को हुए बवाल के 1300 अज्ञात आरोपियों में से पुलिस ने 123 और आरोपियों की पहचान कर ली है। अब इनके नाम बवाल की धाराओं में दर्ज मुकदमे में बढ़ाने की तैयारी शुरू हो गई है। यह मुकदमा सिविल लाइंस थाने में दर्ज है।
बता दें कि एएमयू बवाल के मुख्य मुकदमे में 52 नामजद और 1300 अज्ञात आरोपी बनाए गए थे। अज्ञातों की पहचान का काम पुलिस स्तर से लगातार किया जा रहा है। इसी क्रम में पहचान होने वाली संख्या 52 से बढ़कर 123 पहुंच गई है।
एडीजी आगरा जोन अजय आनंद ने शुक्रवार को इस मामले में पुलिस की अब तक की विवेचना की गहन समीक्षा की है। जिसमें स्थानीय अधिकारियों और जांच अधिकारियों ने अपना अपना पक्ष रखा। कुछ साक्ष्य भी दिखाए गए।
इस पर एडीजी ने कहा है कि अज्ञात लोगों की पहचान को अधिक से सीसीटीवी फुटेज देखे जाएं और गहनता के साथ उनकी पहचान की जाए। जिससे सभी की पहचान हो और उनके खिलाफ विधि संवत कार्यवाही हो सके।
आगरा बैठक में शामिल हुए एसपी क्राइम डा.अरविंद ने बताया कि समीक्षा में सभी अज्ञात लोगों की पहचान का निर्देश मिला है। स्थानीय पुलिस इसमें प्रयासरत है। रोजाना प्रगति की स्थानीय समीक्षा भी हो रही है।
अगले ही दिन मिल गए थे 15 दिसंबर को लूटे गए पांच कारतूस
अलीगढ़। बवाल के दिन लूटे गए सिविल लांइस थाने के दरोगा की सरकारी पिस्टल के 9 एमएम के पांच कारतूस दूसरे दिन ही मिल गए थे। उन्हें बरामद होना दिखा दिया गया है।
मगर यह स्पष्ट किया गया है कि मुकदमे में धाराएं नहीं घटेंगी। बता दें कि 15 दिसंबर को दरोगा की ओर से 27 नामजद व 1300 अज्ञात पर पिस्टल के कारतूस लूटने का मुकदमा भी दर्ज कराया गया था।
यह कारतूस अगले दिन कैंपस में ही पुलिस सर्च के दौरान बरामद हो गए। जिन्हें बरामद होना दिखा दिया गया। मगर यह बात चर्चाओं में थी कि अब कहीं धाराओं में कमी तो नहीं की जाएगी। मगर समीक्षा में स्पष्ट किया गया कि ऐसा कुछ नहीं किया जाएगा।