क्राइम न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़।
अभियोजन पक्ष की पैरवी के लिए तमाम सरकारी प्रयासों के बाद भी थाना स्तर पर पुलिस इसके प्रति गंभीर नहीं है। ऐसे ही दो मामलों में अदालत ने थानों की लापरवाही पर गंभीर रुख अपनाते हुए क्वार्सी और टप्पल थानों के कोतवालों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। साफ-साफ कहा है कि वह 5 अप्रैल को अदालत में हाजिर होकर जवाब दाखिल करें कि क्यों न उनके खिलाफ जुर्माना वसूली कार्रवाई और पुलिस एक्ट के तहत उनकी सर्विस बुक में प्रतिकूल प्रविष्टि की कार्रवाई की जाए। इस मामले में एसएसपी को भी पत्र भेजकर अवगत कराया गया है।
यह सख्त आदेश एडीजे-पांच संजय सिंह प्रथम के न्यायालय से जारी किया गया है। पहला प्रकरण क्वार्सी का गैंगेस्टर से जुड़े मुकदमे संजय सिंह, शंभू सिंह से जुड़ा है। इस मामले में आरोपी 2013 से जेल में हैं। अदालत में एक भी गवाह आज तक पेश नहीं किया गया। न रिकार्ड में इस बात की पुष्टि हो रही है कि गवाहों को एक भी समन तामील कराया गया हो। इस पर इंस्पेक्टर को नोटिस जारी कर पांच अप्रैल को हाजिर होकर स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं। क्यों न उनके खिलाफ पुलिस एक्ट के तहत कार्रवाई की जाए।
इसी तरह टप्पल के एनडीपीएस के मुकदमे राज्य बनाम हैप्पी उर्फ हनीफ में कहा गया है कि 2010 के मुकदमे में जनवरी 2017 को एक गवाह पेश किया गया। इसके बाद कोई दूसरा गवाह आज तक पेश नहीं किया गया। विवेचक आरपी सिकरिया की ओर से समन तामील करने न करने के संबंध में भी कोई साक्ष्य नहीं मिला है। इससे साफ है कि उनकी रुचि मुकदमे में नहीं है। इस पर भी इंस्पेक्टर टप्पल को नोटिस जारी कर 5 अप्रैल को तलब किया गया है। दोनों मामलों में एसएसपी को भी अवगत कराया गया है।