न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
रोडवेज में सिंडीकेट माफिया वर्ष 2007-08 से शुरू हुआ। वर्ष 2010 के आते आते ये अच्छी तरह से फलने फूलने लगा। वर्ष 2007 से 2010 के बीच एचएस गावा और साद सईद अलीगढ़ परिक्षेत्र के रीजनल मैनेजर रहे।
दोनों अधिकारी बाद में पदोन्नत होते रहे। अब वह रोडवेज मुख्यालय लखनऊ में प्रधान प्रबंधक के पदों पर कार्यरत हैं। शिकायतकर्ता पंकज ने 100 पेज की शिकायत, चार डीवीडी में साद सईद और एचएस गावा का कई बार जिक्र किया है। उक्त अधिकारियों की ऑडियो क्लीपिंग भी है। जिसमें वह अलग-अलग मामलों पर बात कर रहे हैं।
एसटीएफ ने भी अपनी जांच में भी इसको शामिल किया और इसकी सत्यता की पुष्टि की है। बुधवार को अधिकारियों के निलंबन की कार्रवाई के बाद पंकज ने ये मुद्दा भी उठाया है कि साद सईद और एचएस गावा पर कार्रवाई नहीं होना कई सवाल उठाता है।
उनको पूरा विश्वास है इन दोनों अधिकारियों पर भी देर सवेर कार्रवाई होगी। दरअसल, साद सईद और एचएस गावा वर्तमान में लखनऊ में प्रधान प्रबंधक हैं, इसलिए स्थानीय अधिकारी उनके प्रभाव में थे और माफिया पर कार्रवाई से बचते थे। इसलिए टिकट माफिया स्थानीय सिस्टम पर हॉबी था।