न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
वर्ष 1992 में समाजवादी पार्टी की स्थापना से लेकर अब तक मुलायम सिंह यादव के साथ रहे डॉ. रक्षपाल सिंह ने कहा है कि अखिलेश ने कंस की तर्ज पर अपने पिता मुलायम सिंह यादव को गद्दी से उतार कर अच्छा नहीं किया, जैसे कंस ने अपने पिता महाराजा उग्रसेन के साथ किया था। अखिलेश यादव कुछ चाटुकारों से घिर गए हैं और वो पुराने समाजवादियों से बात तक नहीं करते हैं। ऐसे में समाजवादी पार्टी अब खात्मे की ओर चल पड़ी है। अखिलेश ने पिता की तरह ही अपने चाचा शिवपाल सिंह यादव को भी दरकिनार कर लाखों कार्यकर्ताओं का मनोबल तोड़ दिया है।
सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. रक्षपाल सिंह ने कहा कि इन परिस्थितियों मेें अब सपा के साथ काम नहीं कर सकते हैं। हां, वह मन से समाजवादी हैं और हमेशा रहेंगे। इसलिए अब वह शिवपाल सिंह यादव के समाजवादी सेक्यूलर मोर्चा के साथ रहेंगे। इसको मजबूत करेंगे। वर्ष 1980 से वह शिवपाल सिंह यादव के साथ हैं। डा. रक्षपाल सिंह शनिवार को मैरिस रोड स्थित लॉ सेफ रेस्टोरेंट में पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उनके भाजपा में शामिल होने की अटकलें लगाई जा रही थीं लेकिन ऐसा नहीं है। बोले.. शिवपाल सिंह कार्यकर्ताओं के नेता हैं उनके साथ ही काम करना है। जल्द ही सेक्यूलर मोर्चा को मजबूत करने का काम शुरू होगा।
गुरुजी ने कहा कि उनको उम्मीद थी कि मुलायम सिंह के समझाने के बाद अखिलेश यादव मान जाएंगे लेकिन दो वर्ष बाद भी अखिलेश की हठधर्मिता कम नहीं हुई। ऐसे में अब सपा को छोड़ने के अलावा कोई चारा नहीं है। वार्ता में मौजूद गुरुजी के समर्थकाें ने बताया कि हर सप्ताह सपाई इस मोर्चा में जुड़ेंगे। शिवपाल की ओर से उनको जो भी जिम्मेदारी मिलेगी उसका निर्वहन करेंगे।