न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
कोल विधायक अनिल पाराशर का कहना है कि क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी (आरएसओ) रानी प्रकाश के तबादले से उनका कोई लेना-देना नहीं है। तबादले में उनकी भूमिका की अफवाह छोड़ने वाले के खिलाफ जांच कराएंगे।
विधायक ने अमर उजाला को बताया कि आरएसओ के तबादले को लेकर जो बातें उनके बारे में कही गई हैं, वह सरासर बेबुनियाद हैं। भला इसमें उनकी भूमिका क्या हो सकती है। जहां तक तबादले की बात है यह तो विभाग का अपना अंदरूनी मामला है।
उन्होंने कहा कि मैंने आरएसओ के तबादले को लेकर कोई सिफारिश नहीं की है। मगर, जिसने भी उनके नाम का सहारा लेकर अपना नाम चमकाने की कोशिश है, उसके खिलाफ जांच कराने से भी गुरेज नहीं करेंगे। उन्हें किसी का पत्र भी नहीं मिला है।
क्या है मामला
उत्तर प्रदेश ओलंपिक संघ के सह संयुक्त सचिव मजहर उल कमर ने आरएसओ रानी प्रकाश का तबादला कराने पर कोल विधायक अनिल पाराशर की जमकर तारीफ की थी। उन्होंने इसके लिए उन्हें बधाई पत्र भी भेजा है।
घिनौनी राजनीति करने से बाज आएं : फकीरा
महुआ खेड़ा मैदान के संचालक व खेल प्रेमी अर्जुन सिंह फकीरा ने कहा कि खेल में घिनौनी राजनीति करने वाले बाज आ जाएं, अन्यथा जो रत्ती भर सम्मान उनके प्रति खिलाड़ियों की नजर में बचा है, वो भी गंवा बैठेंगे। उन्होंने कहा कि जिनके पास करने को कुछ नहीं होता है, वह मीडिया में अपनी बेजा बयानों से सुर्खियों में रहना चाहते हैं। वह न तो खेल का भला कर सकते हैं और न ही खिलाड़ी का। इसलिए ऐसे लोगों से बचने की जरूरत है।