न्यूज डेस्क, अमर उजाला,अलीगढ़।
एएमयू से पढ़ कर निकले मुस्लिम छात्र गृह या रक्षा जैसे देश की सुरक्षा से जुड़े मंत्रालयों में यदि तैनात हैं तो उनकी कड़ी निगरानी की जाए। यह मांग अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अशोक पांडेय ने केंद्र सरकार से की है। उन्होंने आरोप लगाया कि एएमयू में आतंकी का होना कोई नई बात नहीं है।
पांडेय ने कहा कि हिंदू महासभा हमेशा से यह कहती रही है कि यह विश्वविद्यालय आतंकियों व राष्ट्रद्रोहियों का शरणस्थली बना हुआ है। स्थानीय प्रशासन व खुफिया तंत्र गंभीरता से नहीं ले रहा था, परिणाम आज सबके सामने है। कहा कि जब पेड़ ही बबूल का लगा होगा तो उस पर कांटे ही लगेंगे।
सर सैयद अहमद खान ने एएमयू की स्थापना देश में भाईचारा समाप्त करने व हिंदू विरोधी मानसिकता को बढ़ाने के लिए ही की थी। यहीं पर भारत विभाजन की रूपरेखा बनी, जो पाकिस्तान के रूप में सामने आई। आजादी के बाद इस विश्वविद्यालय में ताला लगना चाहिए था, पर कांग्रेस ने नहीं लगने दिया।
हिंदू महासभा ने एटा चुंगी चौराहे पर एएमयू व सर सैयद अहमद खान का पुतला फूंका। इस मौके पर हरिशंकर शर्मा, कुंज मिश्रा, बबलू शर्मा, जयवीर शर्मा, जितेंद्र पाल सिंह, मनोज सैनी, गौरव पंडित, प्रदीप उपाध्याय, ओपी सिंह, बबलू गुप्ता, रवि गोस्वामी, श्रीकांत गोस्वामी आदि मौजूद रहे।