भाषा को लेकर राजनीति करना ठीक नहीं : मो. फुरकान
ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
नगर निगम में शपथ से पहले भाषा को लेकर छिड़े विवाद पर नवनिर्वाचित मेयर मो. फुरकान का कहना है कि भाषा को लेकर इस तरह का विवाद करना ठीक नहीं है। उनसे जब पूछा गया कि वह किस भाषा में शपथ लेंगे तो उन्होंने कहा कि पहले शपथ ग्रहण समारोह का कार्यक्रम तो तय होने दीजिए। भाषा से क्या फर्क पड़ता है। उन्हें तो शहर के विकास के लिए जनता ने मेयर चुना है। वहीं बसपा जिलाध्यक्ष का भी यही कहना है कि भाषा को लेकर जो लोग राजनीति कर रहे हैं, वह ठीक नहीं कर रहे।
बसपा पार्षद मुशर्रफ हुसैन मजहर ने नगर आयुक्त को पत्र लिखकर मांग की थी कि उनके लिए उर्दू में शपथ दिलाने की व्यवस्था की जाए, वह वंदेमातरम भी नहीं गाएंगे। वहीं भाजपा पार्षद दल के नेता ठा. पुष्पेंद्र सिंह जादौन ने इसका विरोध करते हुए कहा कि हिंदी या संस्कृत में ही शपथ दिलाई जाए। ऐसे में जब नवनिर्वाचित मेयर मो. फुरकान से पूछा गया कि वह किस भाषा में शपथ लेंगे तो उनका कहना था कि भाषा से क्या फर्क पड़ता है। माफी कह लो या क्षमा, एक ही बात है।
वैसे भी उन्हें शहर के लोगों ने विकास करने के लिए मेयर चुना है। वह भाजपा पार्षदों का सहयोेग लेंगे और अपने प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार रहे डॉ. राजीव अग्रवाल से भी मिलकर शहर के विकास को लेकर बातचीत करेंगे। वहीं बसपा जिलाध्यक्ष अशोक सिंह एडवोकेट का कहना है कि जो लोग उर्दू और संस्कृत को लेकर राजनीति कर रहे हैं, वह ठीक नहीं कर रहे। हमारा देश धर्मनिरपेक्ष है। किस भाषा में शपथ ली जाए, इसे लेकर पार्टी का व्हिप अभी तक नहीं आया है। यदि कोई पार्षद इस तरह की बात कह रहा है, तो यह उनका अपना मत है।