विरोधी गुट के नेता बने नरेंद्र ने कहा.. जिला
पंचायत में भ्रष्टाचार के खिलाफ है लड़ाई
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
जिला पंचायत अध्यक्ष उपेंद्र सिंह नीटू के खिलाफ बगावत का झंडा बुलंद करने वाले पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष एवं वर्तमान में जिपं सदस्य चौ.सुधीर सिंह, अजित गौड़ गुट ने नरेंद्र वर्मा को अपना नेता घोषित कर दिया है।
गौर हो कि विरोधी गुट अपने समर्थक सदस्यों के साथ वर्तमान में उत्तर भारत के तीर्थस्थलों की परिक्रमा कर रहा है। इधर, वर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष उपेंद्र सिंह नीटू ने कहा है कि उनके पास पूरा संख्याबल मौजूद है जो लोग कमजोर हैं, वही इधर-उधर घूम रहे हैं। छह अक्तूबर को जिला पंचायत बोर्ड बैठक में ये साबित हो जाएगा। जिसमें 10 दिन का समय शेष रह गया है।
इधर, विरोधी गुट में नरेंद्र वर्मा को नेता चुने जाने के बाद से ‘राज पैलेस’ और पूरी भाजपा में खलबली मची है। एटा सांसद राजवीर सिंह ‘राजू’ ने पूर्व कबीना मंत्री ठा. जयवीर सिंह और उनके भतीजे वर्तमान जिपं अध्यक्ष उपेंद्र सिंह नीटू को बसपा से भाजपा में शामिल करा कर उनकी जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी सुरक्षित करने का पूरा प्रयास किया। लेकिन अब उनके प्रयासों को धक्का लग रहा है।
पहली जुलाई से लगातार जारी नीटू का विरोध कम नहीं हो रहा है। नेता चुने जाने के बाद नरेंद्र वर्मा ने कहा कि उनकी लड़ाई किसी व्यक्ति या भाजपा से नहीं है क्योंकि वह खुद परिवार सहित भाजपाई हैं। जिला पंचायत की पूरी लड़ाई केवल भ्रष्टाचार के खिलाफ है, जो 11 साल से जिला पंचायत में फैल गया है। अब इसको खत्म करने का वक्त आ गया है।
नीटू को हर हाल में हटा कर जिला पंचायत को भ्रष्टाचार मुक्त कराना है। जिपं सदस्यों ने मुझे इसकी जिम्मेदारी सौंपी हैं। गौर हो कि नरेंद्र वर्मा के पिता लाल जी वर्मा दशकों से ‘राजू भैया’ के बेहद करीबी लोगों में शुमार हैं लेकिन जिला पंचायत की लड़ाई में वह पहली बार राजू भैया के कहने के बावजूद उनके साथ नहीं हैं।