फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जयवीर के स्वागत में लगे जय श्री राम के नारे

विज्ञापन
विज्ञापन
जय श्री राम का नारा लगाकर जयवीर का स्वागत
विज्ञापन


ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।

डेढ़ दशक से अधिक समय तक बसपा की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले पूर्व मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह संघ एवं भाजपा विचाराधारा के हैं। धर्मपुर कोर्टयार्ड में आयोजित समारोह में नेताओं ने यही साबित करने की कोशिश की। भाजपा में उनके आने को ‘घर वापसी’ की तरह पेश किया गया।

कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण ने कहा कि राजनीति की अपनी मजबूरी होती है। उन्होंने अपना हवाला देते हुए कहा कि 1997 में कल्याण सिंह मुख्यमंत्री बने थे। उसकी एक कड़ी वह भी थे। बाद में भाजपा व रालोद गठजोड़ के कारण ऐसी परिस्थिति बनी कि मुझे दूर जाना पड़ा।
विज्ञापन


आरंभिक दिनों में ठाकुर जयवीर सिंह भी संघ एवं भाजपा विचाराधारा के थे। उस समय उचित मौका नहीं मिलने के कारण बसपा में चले गए। अनिल पाराशर ने कहा कि जयवीर सिंह घर वापस हुए हैं।

जयवीर सिंह ने अपने संबोधन के दौरान कॉलेज के दिनों एवं एबीवीपी से निकटता की बात कही। उस समय संजीव राजा एबीवीपी के नेता के रूप में सक्रिय थे। जब जयवीर सिंह मंच पर पहुंचे तो कार्यकर्ताओं एवं नेताओं ने जयश्रीराम का नारा लगाकर यह साबित करने का प्रयास किया कि वह भाजपा के लिए नए नहीं हैं।

भाजपा में शामिल होने के लिए लगी लाइन
प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण ने कहा कि भाजपा में शामिल होने के लिए बसपा नेताओं की लाइन लगी है। विकास चाहने वाले लोग भाजपा में आकर मोदी के हाथ मजबूत कर रहे हैं। मायावती आज किसी का सामना करने की हैसियत में नहीं हैं। बसपा से अलग हुए नसीमुद्दीन सिद्दीकी, स्वामी प्रसाद मौर्य, इंद्रजीत सारंग सभी का यही आरोप है कि उनकी पैसे की लालसा खत्म होने वाली नहीं है। सपा से भी लोग कट रहे हैं। जिस पार्टी में बेटा, पिता का अपमान करता है, उसे कौन बर्दाश्त करेगा।

जयवीर की दोस्ती-दुश्मनी स्थायी
जयवीर सिंह के स्वागत समारोह में भाजपा का आंतरिक विवाद भी सामने आ गया। मंच पर भले ही सांसद सतीश गौतम, बरौली क्षेत्र के विधायक ठाकुर दलवीर सिंह एवं महानगर अध्यक्ष विवेक सारस्वत के पोस्टर लगे थे। लेकिन तीनों नेता मौजूद नहीं थे। इसको लेकर लोग कयास लगा रहे थे। लक्ष्मीनारायण ने अपने संबोधन के दौरान विरोध करने वाले नेताओं की ओर इशारा करते हुए कहा कि जयवीर की दोस्ती एवं दुश्मनी स्थायी होती है।

स्वागत को उमड़े समर्थक
बारिश के कारण स्वागत समारोह में थोड़ा व्यवधान उत्पन्न हुआ। धर्मपुर कोर्र्टयार्ड में जलभराव हो गया। पानी निकालने के लिए टैंकर बुलाना पड़ा। इससे पूर्व जिले की सीमा में पहुंचते ही समर्थकों ने जयवीर सिंह का गर्मजोशी से स्वागत किया।
विज्ञापन


पहावटी भट्टो, दौरउ मोड़, गभाना, नंदपुर पला, भाकरी, भरतरी, महरावल व सारसौल में स्वागत किया गया। जयवीर सिंह ने किशनलाल दिलेर, वीरांगना अवंती बाई लोधी, मोहनलाल गौतम, अग्रसेन महाराज, अक्रूरजी महाराज, राजा महेंद्र प्रताप, बाबा भीमराव अंबेडकर की मूर्तियों पर माल्यार्पण किया। स्वागत करने वालों में सौरभ सिक्ससंस, राकेश शर्मा, नरेंद्र पौलू, संदीप मित्तल, उमेश खन्ना, दिलीप बंसल, विकास वार्ष्णेय, विवेक बगाई, सुशील मित्तल, अशोक लालाजी, विपिन गर्ग, कमल बगाई, दीपक गर्ग, विजय गुप्ता, मुकेश अरोड़ा, रौशन जौली, शीलेंद्र चौधरी आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें