राज्य सूचना आयोग के आयुक्त अजय कुमार उप्रेती ने अलीगढ़ मंडल के दो दिवसीय भ्रमण के दौरान कमिश्नरी स्थित सर्किट हाउस में 13 घंटे तक जनसुनवाई करते हुए 385 मामलों का निस्तारण कराया है। इस दौरान ऐसे कई मामले सामने आए जो वर्षों से लंबित थे। पहले दिन बृहस्पतिवार को उन्होंने आठ घंटे की सुनवाई में 255 और दूसरे दिन शुक्रवार को पांच घंटे की सुनवाई में 130 मामलों का निस्तारण कराया।
राज्य सूचना आयुक्त ने मीडिया से बातचीत में बताया कि अलीगढ़ व आगरा मंडल में पिछले दो माह में 48 जनसूचना अधिकारियों पर नियमों की अनदेखी कर समय से सूचना उपलब्ध न कराने, भ्रामक सूचनाएं उपलब्ध कराने, विभिन्न प्रकार से गुमराह करने, सूचना देने में आनाकानी करने पर 12 लाख का अर्थदंड लगाया है। इसमें अलीगढ़ के 12 अधिकारियों पर तीन लाख का अर्थदंड शामिल है। जन सूचना अधिकार अधिनियम के बारे में उन्होंने बताया कि आयोग द्वारा वादकारियों की सहूलियत के लिए मंडलीय भ्रमण कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। इससे वादकारियों को लंबे समय से अटकी हुई विभिन्न प्रकार की जानकारियां प्राप्त हो सकेंगी। इससे उनकी ऊर्जा, धन एवं समय की भी बचत होगी। उन्होंने बताया कि जन सूचना अधिकार अधिनियम सभी लोक प्राधिकारियों पर लागू होता है। अधिकारी किसी भी स्तर का क्यों न हो, यदि जन सूचना अधिकार अधिनियम का पालन नहीं करता है तो आयोग द्वारा कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि जनसूचना अधिकार अधिनियम के तहत अधिकतर कार्रवाई ग्राम विकास एवं पंचायतीराज विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों पर की गई है। दो दिनों में की गयी विशेष सुनवाई के मामलों में दो से ढाई वर्ष पुराने मामलों को सुना गया। कुछ मामले वर्ष 2018 के भी पाए गए। उन्होंने बताया कि अधिनियम के अनुसार वांछित सूचना उपलब्ध न कराने पर आयोग द्वारा 250 रुपये प्रतिदिन और अधिकतम 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाता है। जिसे दोषी व्यक्ति के वेतन से वसूला जाता है। यदि सहजता के साथ धनराशि प्राप्त नहीं होती है तो भू-राजस्व की भांति वसूली किए जाने का प्राविधान है। उन्होंने बताया कि बीडीओ हसायन ने वादी रवींद्र कुमार से सूचना दिए जाने के एवज में 4784 रुपये प्राप्त किए, जिसके सापेक्ष मात्र 110 पृृष्ठ ही दिए। आयोग ने विशेष सुनवाई करते हुए वादी को ब्याज सहित धनराशि लौटाने का आदेश पारित किया। वादी आमोद कुमार शर्मा को प्रधानाचार्य जनता इंटर कालेज कासगंज द्वारा सूचना उपलब्ध न कराए जाने और व्यक्ति को इस संबंध मे कोई जानकारी न होने पर 25,000 रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया गया। अलीगढ़ में बीडीओ इगलास एवं सहायक विकास अधिकारी राजपाल सिंह पर भी अधिनियम का पालन न करने पर 25,000 रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया गया है। सिटी मजिस्ट्रेट प्रदीप कुुमार वर्मा ने बताया कि जिले के 10 अधिकारियों पर आयोग द्वारा पूर्व में लगाए गए अर्थदंड की वसूली के लिए आदेश दिए गए हैं।