हालांकि बच्चों को इस कदर सिखाकर लाया गया है कि वह हर सवाल का जवाब तो दे रहे हैं, लेकिन, स्पष्ट कुछ भी नहीं बता पा रहे हैं। बच्चों के परिजनों से संपर्क किया गया है और उन्हें अलीगढ़ बुलवाया जा रहा है। इसके बाद सही स्थिति सामने आएगी। फिलहाल सभी बच्चों को चाइल्ड लाइन की टीम के सुपुर्द किया जा रहा है, जिन्हें सोमवार को बाल न्यायालय में पेश किया जाएगा।
मानव तस्कर गिरोह के शामिल होने की आशंका
बच्चों के साथ पकड़े गए संदिग्ध से आरपीएफ, जीआरपी की टीम लगातार पूछताछ करने में जुटी हुई है। हालांकि पकड़ा गया व्यक्ति अजय टीमों को गुमराह कर रहा है। इसको लेकर बच्चों व पकड़े गए व्यक्ति से अलग-अलग पूछताछ की जा रही है। इसके बाद ही सही स्थिति सामने आ सकेगी। आशंका व्यक्त की जा रही है कि कोई ऐसा बड़ा गिरोह सक्रिय है जो ट्रेनों के जरिए मानव तस्करी में लिप्त है।
गिरोह के सदस्य लगातार बाल श्रम कराने की खातिर बच्चों को दिल्ली एनसीआर के अलावा हरियाणा, पंजाब आदि राज्यों को ले जा रहे हैं। अधिकांश बच्चों का एक ही रटा-रटाया जबाव था कि वो अपने पिता या मामा के पास दिल्ली जा रहे थे। दिल्ली में कहां रहते हैं ? कोई मोबाइल नंबर है ? जैसे सवालों पर बच्चे इधर-उधर बगलें झांक रहे थे। बच्चे भी अपने विषय में अधिक नहीं बता पा रहे थे। देर रात तक बच्चों से अलग-अलग पूछताछ जारी थी।