दीपक शर्मा । अलीगढ़
केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना के तहत स्थानीय स्तर पर होने वाली कुछ कर्मचारियों की भर्ती को ठेकेदार को दिए जाने का मामला प्रकाश में आया है। इस संबंध में भाजपा के पूर्व प्रदेश मंत्री राजेंद्र वार्ष्णेय चीफ ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखकर शिकायत की है।
जबकि सीएमओ का इस संबंध में कहना है कि आयुष्मान भारत योजना में केवल आयुष्मान मित्रों को रखा जा रहा है। उसके लिए कोई ठेका नहीं दिया गया है। मित्रों को पांच हजार रुपये का मानदेय दिया जाना है।
केंद्रीय मंत्री को लिखे पत्र में भाजपा नेता राजेंद्र वार्ष्णेय चीफ ने कहा है कि केंद्र सरकारी की आयुष्मान भारत योजना का संचालन जिले में भी हो रहा है। लेकिन जिले में इस योजना के क्रियान्वयन को लेकर विभाग गंभीर नहीं है।
यहां इस योजना की जिम्मेदारी ही गैर जिम्मेदार कर्मचारियों को दी गई है। इसके अलावा इस योजना को जन जन तक पहुंचाने के लिए संस्थाओं और व्यक्तियों की आवश्यकता है। पत्र में आरोप लगाया है कि विभाग द्वारा एक ठेकेदार, जो कि विभाग में आपूर्ति आदि करता है, उसको योजना के संबंध में भर्ती करने का ठेका दे दिया गया है।
इसके एवज में कई तरह के गैर वाजिब कामों को भी अंजाम दिया गया है। इस पूरी प्रक्रिया की गोपनीय जांच करके जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्यवाही होनी चाहिए। क्योंकि इससे सरकार की छवि आम जनता में धूमिल हो रही है।
‘आयुष्मान भारत योजना में केवल आयुष्मान मित्रों की भर्ती हो रही है। उनको पांच हजार रुपये मानदेय दिया जाना प्रस्तावित है। इनका चयन नियमों के अनुसार हो रहा है। जो आरोप लगाए गए हैं, ऐसा नहीं है’
- डॉ. एमएल अग्रवाल, सीएमओ