न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
‘हुब्बुल वतनी मिनल ईमान’ यानी वतनपरस्ती ईमान का हिस्सा है। यह हदीस हजरत मोहम्मद साहब की मशहूर हदीस है, जो इस्लाम में वतनपरस्ती का मुकाम दर्शाती है।’
यह उद्गार अलबरकात सीरत कमेटी की ओर से आयोजित सीरत मुकाबलों के पुरस्कार वितरण कार्यक्रम में एडीजी वेलफेयर भोपाल एसएम अफजल ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि कुरान के अनुसार हजरत मोहम्मद साहब को सारे आलम के लिए रहमत बना कर भेजा गया था।
अलबरकात एजूकेशनल सोसाइटी के संयुक्त सचिव डॉ. अहमद मुज्तबा सिद्दीकी ने कहा कि लोगों को पैगंबर इस्लाम हजरत मोहम्मद साहब की सीरत से प्रेरणा लेकर उसके अनुरूप अपना जीवनयापन करते रहने का आह्वान किया।
सीरत उन नबी पर विभिन्न प्रकार की धार्मिक प्रतियोगिताओं के मुकाबले आयोजित किए गए। इसमें महानगर के 36 स्कूलों व मदरसों के विद्यार्थियों ने भाग लिया।
अलबरकात सीरत समिति के संयोजन मौलाना मोहम्मद आमिर, मुहम्मद नासिर हुसैन, मौलाना नोमान अजहरी, मौलाना अलाउद्दीन, मौलाना आफताब आलम, मौलाना अब्दुल हकीम व अनीस मुज्तबा का सराहनीय योगदान रहा।
इस अवसर पर संस्थान के समन्वयक डॉ. फहीम उस्मान सिद्दीकी, अलबरकात प्रबंधन संस्थान के निदेशक डॉ. वसीम अहमद, डॉ. समीना फाजली, प्रधानाचार्या सबीहा खान, उप प्रधानाचार्या ताहिरा हुसैन, प्रधानाध्यापिका तबस्सुम सकलैन, आफ्टरनून स्कूल प्रभारी ताब अनवर आदि मौजूद रहे।