न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
बिजली चोरी के मामले पकड़ने में अलीगढ़ प्रदेश में गाजियाबाद के बाद दूसरे स्थान पर है। यहां पर इस वर्ष अप्रैल से लेकर अब तक बिजली चोरी पकड़ने के 5338 केस हुए हैं। जिनमें 1201 में रिपोर्ट भी दर्ज हुई है। तीसरा स्थान मेरठ का है।
उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) के रेड मैनेजमेंट सिस्टम (आरएमएस) ने जिलावार इस संबंध में आंकड़े जारी किए हैं। इसमें इस वर्ष अप्रैल से लेकर अब तक के बिजली चोरी के मामले पकड़ने का विवरण है।
इसके मुताबिक बिजली चोरी रोकने के संबंध शासन ने कुछ कड़े फैसले लिए। यहां भी सामने आया है कि 20 से 40 फीसदी तक बिजली चोरी भी हो रही है। अलीगढ़ में ऊपर कोट, पला रोड, भुजपुरा, जीवनगढ़ आदि में बिजली चोरी के सबसे ज्यादा मामले सामने आए। सबसे कम बिजली चोरी अनूपशहर रोड स्थित हमदर्द नगर डी कालोनी, जमालपुर, सिविल लाइन आदि में दर्ज की गई।
ऊर्जा मंत्री के सख्त निर्देश हैं कि बिजली चोरी के मामलों में जीरो टोलरेंसी अपनायी जाए। इसी दिशा में विभाग लगातार प्रयास कर रहा है।
- एसके चौधरी, अधिशासी अभियंता, शहरी विद्युत वितरण खंड (द्वितीय)
झूठी रिपोर्ट के मामले भी सामने आए
बिजली चोरी की झूठी रिपोर्ट भी दर्ज किए जाने के मामले सामने आए और वह साबित भी हुए। जनहित मानवाधिकार एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष विनोद पांडेय ने दो लोगों के खिलाफ बिजली विभाग द्वारा दर्ज करायी ऐसी ही रिपोर्ट को फर्जी साबित किया था। जबकि जो लोग चोरी कर रहे थे, उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई थी।