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गेहूं खरीद मामले में समूचे मंडल में अव्वल है अलीगढ़

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
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शुरुआत में धीमी रफ्तार और बाद में बारिश से इस सीजन में सरकारी गेहूं खरीद का लक्ष्य मुश्किल नजर आ रहा था, लेकिन पिछले सप्ताह से खरीद में आई तेजी से सब कुछ बदल गया है।

जनपद में रोजाना हो रही करीब पांच से छह हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीद के चलते अब तक 34846 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है। गेहूं खरीद के मामले में जनपद समूचे मंडल में अव्वल है। उम्मीद जताई जा रही है कि यदि इसी तेजी से खरीद होती रही तो जनपद कुल खरीद लक्ष्य को आसानी से पार ही नहीं करेगा, बल्कि लक्ष्य से ज्यादा करीब एक लाख मीट्रिक टन खरीद का रिकार्ड भी कायम करेगा।
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जनपद में अब तक हुई खरीद की मंडल के अन्य तीन जिलों एटा, कासगंज एवं हाथरस से तुलना करें तो एटा में अब तक 7469 मीट्रिक टन, हाथरस में 9007 मीट्रिक टन तथा कासगंज में 4524 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया है।

तीनों का कुल योग 21 हजार मीट्रिक टन होता है। जो जनपद में हुई खरीद से 13846 मीट्रिक टन कम है। बताते चलें कि जनपद को इस सीजन में 94500 मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य मिला है। किसानों की सहूलियत के लिए जिले के 109 खरीद केंद्रों पर गेहूं खरीद हो रही है।

खरीद के नोडल अफसर एवं एडीएम वित्त एवं राजस्व बच्चू सिंह ने बताया कि गेहूं खरीद में अलीगढ़ समूचे मंडल में अव्वल है और यदि खरीद की ऐसी ही रफ्तार रही तो हम खरीद लक्ष्य को पार कर एक लाख मीट्रिक टन खरीद का रिकार्ड बना सकते हैं।
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बाजार में कम रेट का फायदा
गेहूं खरीद केंद्रों पर जमकर हो रही खरीद के पीछे बाजार में गेहूं का रेट कम होना भी जिम्मेदार है। बाजार में वर्तमान में 1530 से 1590 रुपये प्रति क्विंटल का रेट मिल रहा है। जबकि सरकारी क्रय केंद्रों पर 1735 रुपये प्रति क्विंटल। रेटों में इतना अंतर होने का फायदा क्रय केंद्रों को मिल रहा है। पूर्व में ऐसी स्थिति कभी नहीं रही। पिछले तीन सालों में देखे तो सरकारी रेट एवं बाजार भाव में करीब 50 से 100 रुपये तक का अंतर रहा है। जबकि इस बार अंतर 145 से ज्यादा ही है।
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