न्यूज डेस्क्र, अमर उजाला, अलीगढ़।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को वीडियोकांफ्रेंसिंग के माध्यम से उत्तर प्रदेश के कई जिलों के अधिकारियों से वार्ता की। मंडलायुक्त सुभाष चंद्र शर्मा, जिलाधिकारी ऋषिकेश भास्कर याशोद, एसएसपी राजेश पांडेय सहित, एडीआईओएस व अन्य जिलास्तरीय अधिकारी कलक्ट्रेट में इस वीसी में मौजूद रहे।
मंडलायुक्त ने बताया कि सीएम ने कासगंज की घटना को लेकर ताजा हालात जाने और अधिकारियों को जल्द से जल्द माहौल सामान्य करने के निर्देश दिए।
कासगंज के एडीएम और एडिशनल एसपी ने उनके सवालों के जवाब दिए। प्रदेश में कानून व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त रखने के लिए सीएम ने कुछ आवश्यक निर्देश दिए। सीएम ने अधिकांश जिलों में हो रही लूट की घटनाओं पर बेहद सख्त लहजे में बात की। बोले कि अगर लूट नहीं रुक रही है तो अधिकारी खुद ही अपनी समीक्षा कर लें। वह अपने पदों पर रहेंगे या नहीं..?
इसके बाद यूपी बोर्ड परीक्षा की तैयारियों को लेकर सवाल जवाब हुए। जिसमें उन्हें बताया गया कि अलीगढ़ मंडल में बोर्ड परीक्षा की तैयारियां सभी जिलों में पूरी कर ली गई हैं।
शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह के गृहजनपद अलीगढ़ के अतरौली में नकल विहीन परीक्षा कराने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। यहां बिना सीसीटीवी लगे परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा नहीं होगी।
एसटीएफ की तैनाती भी होगी। सीएम ने कहा कि अगर नकल हुई तो अधिकारी अपने पदों पर रह नहीं पाएंगे। इसी बीच मुख्यमंत्री ने दूषित पेयजल से होने वाली बीमारियों को दूर करने के लिए प्रदेशव्यापी अभियान चलाने का निर्देश दिया। ये अभियान अप्रैल में शुरू होगा, जिसकी तैयारियां फरवरी से शुरू हो जाएंगी। सीएम ने सभी अधिकारियों को समय पर कार्यालयों में उपस्थित रहने का निर्देश दिया है।
मंडलायुक्त का दर्द छलका
गणतंत्र दिवस के दिन से ही कासगंज में कैंप कर रहे मंडलायुक्त सुभाष चंद्र शर्मा इलेक्ट्रानिक मीडिया और सोशल मीडिया पर चल रहीं कुछ भ्रामक खबरों पर खासे नाराज दिखे। उन्होंने कहा कि बवाल के बाद से वह स्वयं, आईजी और दूसरे आला अफसर कासगंज में मौजूद हैं। घर घर जाकर हालात सामान्य करने का पूरा प्रयास कर रहे हैं। पूरा पूरा दिन पैदल घूमकर लोगों से संपर्क कर रहे हैं। सब्जी, दूध, पानी, बिजली और अखबार पहुंच रहा है या नहीं इसकी जानकारी कर रहे हैं। खाने पीने की व्यवस्था करा रहे हैं। इसके बावजूद कुछ भ्रामक खबरों से माहौल खराब हो रहा है। ऐसे में इलेक्ट्रानिक मीडिया को भी अपनी भूमिका सोचनी चाहिए कि वो क्या संदेश दे रहे हैं..?