छात्र संघ चुनाव की मांग के लिए दिया धरना अवैध घोषित
ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों के अनुसार छात्र संघ चुनाव की मांग को लेकर तीन दिन से वीसी लॉज के सामने धरने पर बैठे छात्रों को इंतजामिया ने नोटिस थमाकर धरने को अवैध करार दे दिया है। यहीं नहीं धरना स्थल पर लाइट कटने से लाउडस्पीकर आदि बंद हो गये हैं। इससे छात्रों में आक्रोश है। हॉल्स में छात्रों तक संदेश पहुंचने के बाद धरना स्थल पर भीड़ बढ़ने लगी है।
गुरुवार को एएमयू प्रॉक्टर द्वारा धरने पर बैठे छात्रों को नोटिस जारी किया गया है। इसमें उनके धरने को अवैध करार देते हुए कहा गया है कि इसके लिए अनुमति नहीं ली गई है। साइलेंट जोन में लाउडस्पीकर बजाना सुप्रीम कोर्ट के आदेश के विरुद्ध बताया गया है। इंतजामिया की इस कार्रवाई के बाद छात्रों की तेजी से गोलबंदी शुरू हो गई है और हक के लिए धरना स्थल पर भीड़ बढ़ने लगी है। सुबह से लेकर शाम तक तीन बार यूनिवर्सिटी के अधिकारी, वरिष्ठ शिक्षक एवं एग्जीक्यूटिव काउंसिल सदस्य छात्रों से बातचीत के लिए पहुंचे, लेकिन छात्र लिंगदोह की सिफारिशों के अनुसार 17 अक्तूबर के पहले चुनाव कराने की मांग कर रहे हैं।
एएमयू छात्र संघ के पूर्व पदाधिकारी एवं सीनियर छात्र भी धरना स्थल पर पहुंच रहे हैं। निवर्तमान उपाध्यक्ष नदीम अंसारी, अब्दुल कादिर जिलानी एवं छात्र संघ का चुनाव लड़ चुकी पूर्व कैबिनेट सदस्य कहकशां खानम भी जूनियर छात्रों का हौसला आफजाई करने पहुंची और उनकी मांगों का पुरजोर समर्थन दिया। एएमयू के डिप्टी प्रॉक्टर ने नोटिस की पुष्टि की। अदनान आमिर, एजाज अहमद, राव फराज वारिस, मो. फहद, मो. हसीर खान, मो. गजनवी, फैसल नदीम, मस्कुर आलम, दानिश एजाज, मो. नदीम, जैद शेरवानी, फरहान जुबैरी, मो. फैज, साद हसन, असद उस्मानी आदि मौजूद थे।
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नोटिस के कानूनी पहलू पर छात्र कर रहे विचार
अलीगढ़। एएमयू इंतजामिया के नोटिस के बाद छात्र इसके कानूनी पहलू पर विचार कर रहे है। छात्रों का कहना है कि वे लोग प्रॉक्टर से लेकर तमाम जगह धरना से संबंधित सूचना दे चुके हैं। लाउडस्पीकर के संबंध में छात्रों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा रात 10 से सुबह 6 बजे तक मनाही है। जिसका पालन किया जा रहा है। इंतजामिया तानाशाही पर उतर आई है और गलत तरीके से दबाव बना रही है। देर रात छात्रों ने अपील जारी की, जिसमें कुलपति से कई सवाल किए गए हैं।