ईदगाह पर कड़ी सुरक्षा, ड्रोन से निगरानी
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
ईद उल अजहा यानी बकरीद आज हर्षोउल्लास के साथ मनाई जाएगी। मुख्य नमाज शाहजमाल ईदगाह में होगी। शहर मुफ्ती खालिद हमीद नमाज के दौरान तकरीर करेंगे। बू अली शाह, ऊपरकोट जामा मस्जिद, एएमयू जामा मस्जिद, जमालपुर मस्जिद में भी ईद की नमाज अदा की जाएगी।
शुक्रवार को शहर मुफ्ती ने जुमे की नमाज के बाद कहा कि कुर्बानी देने वाले लोग इस बात का खास ख्याल रखें कि किसी भी सूरत में आपके आसपास के मोहल्ले के पड़ोसी हमवतन भाई-बहन को दिक्कत न हो। नमाज के बाद अपने बुजुर्गों को याद करें। शहर मुफ्ती शांति कमेटी के सदस्यों और अन्य प्रबुद्धजनों के साथ नई ईदगाह शाहजमाल पहुंचे और नमाज की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। वहीं आज सुबह पांच बजे से पूर्वाह्न 11 बजे तक रूट डायवर्जन की व्यवस्था की गई है।
इधर, बकरीद को ध्यान में रखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के बेहद पुख्ता इंतजाम किए हैं। चप्पे-चप्पे पर फोर्स तैनात है। शुक्रवार को ही ईदगाह को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया। ईदगाह सहित अन्य महत्वपूर्ण स्थलों की ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही है। नगर निगम ने भी सफाई, पेयजल व्यवस्था और कुर्बानी के अवशेषों को उठवाने के लिए ट्रैक्टर ट्रॉलियों की विशेष व्यवस्था की है।
वहीं प्रशासन, पुलिस और नगर निगम के अधिकारियों ने ईदगाह कमेटी के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। तय हुआ कि शाहजमाल स्थित ईदगाह का गेट कड़ी सुरक्षा में सुबह ईद की नमाज से पहले ही खोला जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था में स्थानीय पुलिस बल के साथ ही आरएएफ और पीएसी को भी लगाया गया है। नगर निगम सफाई के बाद चूना डलवाएगा। शहर को पहले ही छह जोन में बांट दिया गया है और प्रत्येक जोन का एक प्रभारी तैनात किया गया है। तीन दिन तक कंट्रोल रूम 24 घंटे एक्टिव रहेगा।
कड़ी सुरक्षा में हुई जुमे की नमाज
शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद मुल्क में अमन के लिए दुआ की गई। इस दौरान फोर्स तैनात रही। असामाजिक तत्व किसी प्रकार की बाधा न पहुंचाएं, इसके लिए आरएएफ ने माल गोदाम तिराहे से लेकर ऊपरकोट तक फ्लैग मार्च निकाला।
प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर मौजूद थे। बता दें कि रक्षाबंधन पर रेलवे रोड पर सुरेश कचौड़ी वाले ने दो भाइयों वसीम और आशू की दिनदहाड़े हत्या कर दी थी। जिसके बाद जुमे की नमाज के बाद ऊपरकोट पर पथराव और फायरिंग की गई थी। इसीलिए शुक्रवार को पुलिस की तैनाती रही।