न्यूज डेस्क, अमर उजाला ब्यूरो अलीगढ़।
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के पुतले को गोली मारने व पुतला दहन करने के मुकदमे में जेल भेजी गईं अखिल भारत हिंदू महासभा की राष्ट्रीय सचिव पूजा शकुन पांडेय व उनके पति अशोक पांडेय की जमानत याचिका पर सुनवाई तीन दिन के लिए टल गई है। अदालत ने इस मामले में जमानत अर्जी पर सुनवाई के लिए अब 14 फरवरी तारीख नियत की है। वहीं एक आरोपी साथी की जमानत मंजूर हो गई है, जिसकी सोमवार देर शाम तक रिहाई संभव है।
इस मामले में पूजा शकुन व अशोक पांडेय की ओर से पैरवी कर रहे साथी कार्यकर्ता गजेंद्र सिंह आर्य ने बताया कि सत्र न्यायालय में दोनों की जमानत अर्जी दायर की गई थी। जहां से एडीजे-2 के न्यायालय में सुनवाई के लिए फाइल गई है। सोमवार को सुनवाई की तारीख नियत थी। मगर अब अदालत ने 14 फरवरी तारीख नियत कर दी है।
वहीं एक अन्य साथी कुंज विहारी मिश्रा की जमानत अर्जी निचली अदालत में दायर की गई है, जिस पर सुनवाई के लिए 13 तारीख नियत की गई है। इसके अलावा एक साथी अनिल वर्मा की जमानत मंजूर हो गई है, जिनकी रिहाई सोमवार देर शाम तक संभव है।
हमले के चार आरोपियों को साल साल कैद की सजा
एडीजे-7 शाहिद रजा के न्यायालय ने हमले के 12 साल पुराने मुकदमे में फैसला सुनाते हुए चार आरोपियों को सात-सात साल की सजा से दंडित किया है। साथ में आरोपियों पर दस-दस हजार रुपये जुर्माना भी तय किया है। अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी गोपाल सिंह राना के अनुसार वादी ओमवीर सिंह निवासी दुलीचंदपुर दादों ने 11 मई 2007 को मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें गांव के ही रामअवतार, गजराज सिंह, महाराज सिंह व जरगवां रामघाट के घूरे सिंह को नामजद किया था।
मुकदमे में आरोप था कि जमीन के बंटवारे के विवाद में नामजदों ने ओमवीर के भाई संतोष को गोली मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से जख्मी हुआ। इस मुकदमे में पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल कर दिया। परीक्षण के दौरान अदालत में साक्ष्यों व गवाही के आधार पर चारों आरोपियों को सात-सात साल की सजा व दस-दस हजार रुपये जुर्माना से दंडित किया गया है।