डेस्क न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़
तीन दिन पूर्व हुए सपा-बसपा गठबंधन के एलान के बाद सियासी गलियारों में चर्चाओं का दौर जारी है। गठबंधन के बाद मंगलवार को सपा-बसपा नेता एक ही मंच साझा करते दिखे। मौका था बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती का 63वां जन्मदिवस। जीटी रोड स्थित सम्राट लॉज में उनके जन्मदिवस पर केक काटा गया। मुख्य अतिथि के रूप में बसपा के पूर्व सांसद मुनकाद अली मौजूद रहे।
कार्यक्रम का संचालन मुकेश चंद्रा ने किया। मुख्य अतिथि ने कहा कि तीन दिन पहले एक तरफ बसपा और दूसरी ओर सपा की बैठकें चल रही थीं। वहीं दूसरी तरफ भाजपा का राष्ट्रीय अधिवेशन चल रहा था। जैसे ही सपा-बसपा गठबंधन का एलान हुआ भाजपाइयों में खलबली मच गई। उन्होंने कहा कि मायावती ने अपना पूरा जीवन गरीब, पिछड़ों को न्याय दिलने में लगा दिया। 23 साल बाद सपा-बसपा एक होकर चुनाव लड़ेगी। अब वो दिन दूर नहीं जब देश में प्रधान से लेकर प्रधानमंत्री तक इस गठबंधन का होगा। उन्होंने कहा कि प्रत्याशी चाहे कोई भी हो, लेकिन हमारे कार्यकर्ता उनको जिताने में अपनी जान लगा देेंगे।
अध्यक्षता कर रहे मेयर मो. फुरकान ने कहा कि इस गठबंधन से हमारी ताकत दोगुनी हो गई है। जब गठबंधन की घोषणा हुई तो अमित शाह की धड़कने रुक गई थीं। मीडिया के माध्यम से पता चला कि वह एक घंटे अस्पताल में भर्ती रहे। कहा कि यह गठबंधन पार्टी के दोनों नेताओं के संघर्ष का नतीजा है। भाजपा इससे डर गई है। भाजपा डॉ. बीआर आंबेडकर और महात्मा गांधी के नाम पर केवल सिसायत करना जानती है। महात्मा गांधी ने डेढ़ गज की घोती पहनकर देश को आजाद कराया था लेकिन हम आजादी मिलने के बाद उन्हें डेढ़ वर्ष भी जिंदा नहीं रख पाए। उन्हें मारने वाले का वो मंदिर बनाकर पूजा करते हैं। मोदी और योगी पर हमला बोलते हुए कहा कि यह दोनों हिंदू और मुसलमान भाइयों को लड़वाना चाहते हैं। जगहों के नाम बदलने को लेकर कहा कि जिस लाल किले पर प्रधानमंत्री भाषण देते हैं क्या उसका भी नाम बदलेेंगे। कुतुब मीनार, ताज महल सबका नाम बदलेंगे। कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव हमारा है और मायावती इस देश की प्रधानमंत्री बनेंगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए नारे लगवाए।
सपा जिलाध्यक्ष अशोक यादव ने कहा कि केंद्र-प्रदेश सरकार घमंड में डूबी हुई हैं। इनका घमंड बहुत जल्द टूटने वाला है। गठबंधन पर बोले कि ये मजबूरी नहीं है। देश यही चाहता है। मजबूरी कहकर भाजपा लोगों में भ्रम फैला रही है। कहा कि सपा ने गठबंधन करना भाजपा से ही सीखा है। प्रधानमंत्री ने देश को धोखा दिया है। जनता के साथ छलावा किया है। अच्छे दिन तो आए नहीं। बुरे दिन भी छीन लिए। रोजगार के नाम पर जीएसटी और नोटबंदी कर बेरोजगारी बढ़ा दी है। पूर्व महानगर अध्यक्ष सपा अज्जू इशहाक ने कहा कि भाजपा ने बापू का चश्मा तो ले लिया, लेकिन उनका दिल और नजरिया नहीं ले पाए। गठबंधन पर कहा असली हिंदुस्तान तो यही है जहां सभी वर्ग के लोग साथ मिलकर चलते हैं।
सीबीआई, सीवीसी केंद्र की गुलाम : जफर
अलीगढ़। पूर्व विधायक जफर आलम ने कहा कि गठबंधन से लोगों की नींद उड़ गई है। हम 23 साल बाद एक हुए हैं। इस जालिम हुकूमत को करारा जबाव देंगे। इन लोगों ने संविधान पर वार किया। उसे बदलने की कोशिश की है। कुदरत ने हमें मौका दिया है इन्हें जबाव देने का। यह वही लोग हैं जिन्होंने सीबीआई, सीवीसी, आरबीआई सबको खत्म कर दिया है। सारी एजेंसियां केंद्र के इशारों पर नांच रही हैं। इनकी गुलामी कर रही हैं। पहले लोग संगीन मामलों की सीबीआई जांच कराने की मांग करते थे। लेकिन, आज नजरिया बदल गया है। लोगों का सीबीआई से भरोसा उठ गया है।
केक की भगदड़ में पूर्व विधायक का मोबाइल गायब
अलीगढ़। कार्यक्रम के अंत में मायावती के 62वें जन्मदिवस पर मुख्य अतिथि ने केक काटा। मंच पर मौजूद सभी अतिथि और पदाधिकारियों ने एक दूसरे को केक खिलाया। थोड़ी देर बाद अचानक मंच पर केक को लेकर धक्का-मुक्की होने लगी। कार्यक्रम स्थल पर बैठे कार्यकर्ताओं में केक खाने को लेकर होड़ सी मच गई। वह नीचे से उठकर मंच पर केक लेने पहुंच गए। इसी दौरान खैर के पूर्व विधायक प्रमोद गौड़ का आईफोन मोबाइल किसी ने गायब कर दिया। मंच से कई बार इसकी घोषणा भी हुई, लेकिन मोबाइल वापस नहीं आया। इस संबंध में उन्होंने थाना बन्नादेवी में प्राथमिकी दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि मोबाइल को सर्विलांस टीम व एसओजी टीम खोज रही है। तकरीबन छह बजे तक उसकी लोकेशन भुजपुरा की आ रही थी। इसके बाद मोबाइल स्विच आफ हो गया। मोबाइल की कीमत लगभग 85 से 90 हजार रुपये थी।
जिला व मंडल कार्यालय बनाएंगे
अलीगढ़। नौ साल बसपा से बाहर रहने के बाद मंगलवार को मायावती के जन्मदिवस पर पूर्व विधायक खैर प्रमोद गौड़ भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि इतने दिनों वह पार्टी से तो बाहर रहे, लेकिन बहनजी के दिल में थे। नौ साल बाद उनका निष्काशन समाप्त किया। कहा कि मौजूदा सरकार गाय, गौवंश के नाम पर राजनीति कर रही है। उसे किसानों के दर्द का एहसास तक नहीं है। गरीब-पिछड़ों को सरकार और दबा रही है। मंच से कहा कि बसपा कार्यकर्ताओं के लिए जिला और मंडल कार्यालय बनाएंगे। इससे आगामी चुनाव में कोई परेशानी न आए।
तेजवीर सिंह गुडडू भी रहे मौजूद
अलीगढ़। कार्यक्रम में बसपा जिलाध्यक्ष तिलकराज यादव, मुख्य जोन कोआर्डिनेटर रनवीर सिंह कश्यप, मंडल जोन प्रभारी ओपी आर्या, विमल चंद, मुरारी लाल चौहान, ठा. सुनील सिंह, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष तेजवीर सिंह गुड्डू, अज्जू इशहाक, विनोद सविता, गिरीश यादव, जिलाध्यक्ष अशोक यादव, सपा महानगर अध्यक्ष सैयद जावेद अजीज, बदशाह खान, प्रशांत बाल्मीकि, राजेश यादव, उमेश श्रीवास्वत, बहादुर सिंह बघेल, पूजा गौतम, आशीष राय आदि शामिल रहे।
सपा नेताओं के पोस्टर नहीं लगे
पच्वीस वर्ष बाद एक हुए सपा और बसपा के पहले साझा मंचीय कार्यक्रम में सपा के दिग्गज नेताओं के फोटो नहीं दिखे। मंच पर सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सीएम अखिलेश यादव, संरक्षक मुलामय सिंह यादव, मुलायम सिंह यादव और कांशीराम के गठबंधन के वक्त की तस्वीरें, रामगोपाल यादव, सपा प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम या किसी भी स्थानीय सपा नेता का फोटो कहीं नहीं दिखा। जिससे सपाई खेमे में थोड़ी मायूसी दिखी।