न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि अल्पसंख्यक स्वरूप का मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। सुप्रीम कोर्ट में ही फैसला होगा कि एएमयू अल्पसंख्यक संस्थान है या नहीं। जहां तक सवाल राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के पत्र के जवाब को है तो वह निर्धारित समय के अंदर चला जाएगा।
मीडिया में खबर आ रही है कि राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थान (एनसीएमईआई) ने राष्ट्रीय अनुसूचित आयोग को पत्र लिखकर अवगत कराया है कि एएमयू अल्पसंख्यक संस्थान नहीं है। अल्पसंख्यक शिक्षक संस्थान आयोग से राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग द्वारा पूछा गया था कि एएमयू को अल्पसंख्यक संस्थान का दर्जा प्राप्त है या नहीं।
एएमयू पीआरओ आफिस के मेंबर इंचार्ज प्रो. शाफे किदवई ने इस संबंध में पूछे जाने पर कहा कि अल्पसंख्यक स्वरूप का फैसला सुप्रीम कोर्ट को करना है। उल्लेखनीय है कि तीन जुलाई को राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष प्रो. रामशंकर कठेरिया अलीगढ़ आए थे।
उन्होंने इस संबंध में एएमयू के अधिकारियों से भी बात की थी और पूछा कि एएमयू अल्पसंख्यक संस्थान है तो साक्ष्य दिखाए। उन्होंने एएमयू को मिलने वाले ग्रांट के संबंध में यूजीसी से बातचीत करने की बात भी कही थी। बाद में आयोग द्वारा इस संबंध में पत्र भी भेजा गया था।