क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
थाना सिविल लाइन में करीब ढाई साल पहले हुुुए एएमयू छात्र आलमगीर हत्याकांड में अदालत ने आरोपी आजमगढ़ निवासी रिहान को बरी कर दिया है। साथ ही इस मामले में गवाह रहे सलमान अहमद निवासी फिरदौस नगर और मो. अयाज पुत्र स्वर्गीय खालिद निवासी सहारनपुर के खिलाफ गलत गवाही देने के लिए प्रकीर्ण वाद दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।
एडवोकेट इरफान गाजी ने बताया कि 18 अक्तूबर 2015 को करीब 3:30 बजे एएमयू कंप्यूटर सेंटर के सामने से गुजर रहे आलमगीर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
इस हत्याकांड में एनआईए अफसर तंजील अहमद की हत्या में मुख्य आरोपी बिजनौर निवासी मुनीर सहित आजमगढ़ और हाल पता सर सैयद नगर निवासी रिहान आजमी, शादाब सहित चार लोगों के खिलाफ मुकदमा लिखवाया था।
मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम में हुई। इसमें दोनों पक्षों को सुना गया और जिरह हुई। जिसके बाद रिहान आजमी को अदालत ने दोषमुक्त करार दिया है। इस मामले में आरोपी आलमगीर की फाइल अलग चल रही है।