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हत्या और डकैती के सात आरोपियों को उम्रकैद

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हत्या और डकैती के सात आरोपियों को उम्रकैद
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ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।

एडीजे कोर्ट संख्या दस के विद्वान न्यायाधीश अजय कृष्ण ने हत्या और लाइसेंसी बंदूक आदि की डकैती के मामले में सात दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसी मामले में कोर्ट ने दो आरोपियों को जान से मारने की धमकी देने का दोषी माना है और इन्हें तीन-तीन साल की कैद की सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी सुहैल उस्मानी के मुताबिक जितेंद्र उर्फ पप्पू निवासी हजियापुर थाना टप्पल चार मार्च 2005 को अपने भाई श्यौराज सिंह, भतीजे लोकेंद्र सिंह, मौसा राज सिंह निवासी सढ़ा थाना गोंडा अपने जमीन के मुकदमे की तारीख पर तहसील खैर आए थे। तारीख के बाद जब यह लोग प्राइवेट बस से वापस जा रहे थे तो रास्ते में दोपहर ढाई बजे मारुति कार व मोटरसाइकिल पर सवार नामजदों ने नवोदय स्कूल के सामने बस को रुकवा लिया।
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यह लोग रायफल व तमंचों से लैस थे। इन लोगों ने आते ही राज सिंह की लाइसेंसी बंदूक को छीन लिया और श्यौराज सिंह को पकड़कर बस से नीचे खींच लिया। इन लोगों ने फायरिंग कर उसे मार दिया और बस में बैठी सवारियों को आतंकित कर दिया। बाद में हमलावर वहां से जट्टारी की तरफ चले गए।
इससे पहले खैर तहसील में सरदार सिंह और जुगेंद्री ने जान से मारने की धमकी दी थी। इस मामले में सुखवीर सिंह निवासी चौधरी नगला सादाबाद, अजब सिंह, सरदार सिंह, जुगेंद्र, जुगेंद्री, अभिमन्यु, वीरपाल, भूपेश निवासीगण बुलाकीपुर थाना पिसावा, सुखवीर निवासी कल्यानपुर थाना टप्पल, सुभाष निवासी बामौती खैर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। विवेचना के बाद विवेचनाधिकारी ने कोर्ट में आरोप पत्र प्रस्तुत किया। मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश न्यायालय संख्या दस अजय कृष्ण के न्यायालय में हुई। कोर्ट ने सुभाष, जोगेंद्र, अभिमन्यु, सुखवीर, अजब सिंह, वीरपाल व भूपेश को धारा 396 भा.द.स. का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास व अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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अजब सिंह को धारा 412 के तहत भी दोषी माना है और उसे इसमें भी आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने सरदार सिंह और जुगेंद्री को धारा 396 में तो दोषमुक्त कर दिया है, लेकिन जान से मारने की धमकी देने के मामले में दोषी पाते हुए 506(2) में तीन-तीन साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इस दौरान एक आरोपी की मृत्यु हो चुकी है।
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